मुंबई, (ईएमएस)। मुंबई में बजट सत्र के दौरान सामने आए अधिवेशन पास घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए विधान भवन के तीन कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। इन तीनों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि इस मामले का चौथा आरोपी अब भी फरार बताया जा रहा है। निलंबित कर्मचारियों में लिपिक-टंकलेखक महेश पिराजी दुम्पलवार, मनोज आनंदा मोरबाले और सिपाही स्वप्निल रमेश तायडे शामिल हैं। बताया गया है कि विधान परिषद के सभापति प्रा. राम शिंदे और विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर द्वारा निलंबन प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई। इस घोटाले में शामिल चौथा कर्मचारी लवेश नाकटे अभी भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। जांच में यह सामने आया कि उद्योग मंत्री उदय सामंत के कार्यालय के नाम पर एमआईडीसी के लेटरहेड का इस्तेमाल कर फर्जी अनुरोध पत्र तैयार किए गए थे, जिनके आधार पर अधिवेशन पास जारी किए जा रहे थे। हालांकि, उदय सामंत ने विधान परिषद में स्पष्ट किया कि उनके कार्यालय से ऐसा कोई पत्र जारी नहीं किया गया। इस खुलासे के बाद सभापति प्रा. राम शिंदे ने मामले की गहन जांच के आदेश दिए थे। जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिससे यह आशंका जताई जा रही है कि इस घोटाले में विधान भवन के अन्य कर्मचारी और अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं। अब तक इस मामले में सात में से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों में निलंबित तीन कर्मचारियों के अलावा सुरक्षा रक्षक नागेश पाटील, गणपत जावले और दत्तात्रय गुंजाल भी शामिल हैं। फ़िलहाल पुलिस और प्रशासन की ओर से फरार आरोपी की तलाश जारी है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। स्वेता/संतोष झा-१४ अप्रैल/२०२६/ईएमएस