:: नारी शक्ति सम्मेलन में महिलाओं से भरा रहा मंच, दर्शक दीर्घा में बैठे मंत्री और विधायक :: इंदौर (ईएमएस)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा लिया गया नारी शक्ति वंदन अधिनियम का निर्णय 21वीं सदी के सबसे युगांतकारी फैसलों में से एक है। इस अधिनियम के लागू होने से देश की मातृशक्ति का तेजी से सशक्तिकरण होगा और वे राष्ट्र निर्माण में अपनी प्रभावी भूमिका निभा सकेंगी। मुख्यमंत्री मंगलवार को परस्पर नगर स्थित लता मंगेशकर ऑडिटोरियम में आयोजित नारी शक्ति वंदन सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने देवी अहिल्याबाई के सुशासन और शौर्य का उल्लेख करते हुए कहा कि इंदौर अहिल्या माता की नगरी है, जिन्होंने संकट के समय नारी शक्ति को संगठित कर पेशवा तक को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया था। उन्होंने कहा कि भारत विश्व का इकलौता देश है जहाँ मातृशक्ति की प्रधानता है। डॉ. यादव ने पन्नाधाय के बलिदान, रानी दुर्गावती के पराक्रम और झाँसी की रानी की वीरता का स्मरण करते हुए कहा कि हमारी संस्कृति में प्राचीन काल से ही महिलाओं को सर्वोच्च सम्मान प्राप्त है। कार्यक्रम में एक अनूठा दृश्य देखने को मिला। ऑडिटोरियम के मंच पर विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर मिसाल कायम की। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिलाओं के साथ मंच साझा किया, जबकि केंद्रीय मंत्री, सांसद, विधायक और प्रशासनिक अधिकारी दर्शक दीर्घा में बैठे नजर आए। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने परिसर में स्थापित स्वर कोकिला लता मंगेशकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। सम्मेलन में विधायक मालिनी गौड़ ने स्वागत भाषण देते हुए अधिनियम के तहत मिलने वाले 33 प्रतिशत आरक्षण के महत्व को बताया। इस अवसर पर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर, सांसद शंकर लालवानी, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, जिला पंचायत अध्यक्ष रीना सतीश मालवीय, विधायक मधु वर्मा, गोलू शुक्ला, उषा ठाकुर सहित डॉ. दिव्या गुप्ता, श्रवण चावड़ा, सुमित मिश्र, माला सिंह ठाकुर एवं हरिनारायण यादव मौजूद थे। प्रशासनिक अधिकारियों में संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, कलेक्टर शिवम वर्मा, निगमायुक्त क्षितिज सिंघल और अपर कलेक्टर रोशन राय ने भी सहभागिता की। प्रकाश/14 अप्रैल 2026