राज्य
14-Apr-2026


दमोह (ईएमएस)। शहर के लोको क्षेत्र स्थित मुश्की बाबा के समीप आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन भगवान श्रीकृष्ण की मनोहारी बाल लीलाओं का रसपूर्ण वर्णन किया गया। कथा व्यास बुंदेलखंड के प्रसिद्ध कथावाचक परम पूज्य पंडित श्री कमलेश्वरानंद जी महाराज ने अपने श्रीमुख से भक्ति की ऐसी सरिता प्रवाहित की, जिसमें श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे।महाराज श्री ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का जीवंत चित्रण करते हुए बताया कि ये लीलाएं केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि भक्त और भगवान के बीच प्रेम एवं विश्वास का अद्भुत प्रतीक हैं। पूतना वध और शकटासुर उद्धार के प्रसंगों के माध्यम से उन्होंने समझाया कि जब-जब अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान अवतार लेकर धर्म की स्थापना करते हैं। ब्रह्मांड दर्शन से चकित हुई यशोदा मैया कथा में ब्रह्मांड दर्शन का प्रसंग सुनाते हुए बताया गया कि जब यशोदा माता ने बाल कृष्ण का मुख देखा, तो उन्हें संपूर्ण सृष्टि के दर्शन हुए। यह इस बात का प्रतीक है कि समस्त जगत ईश्वर में ही समाहित है। माखन चोरी लीला में छिपा प्रेम का संदेश महाराज श्री ने माखन चोरी लीला का भावार्थ बताते हुए कहा कि भगवान माखन नहीं, बल्कि भक्तों के हृदय रूपी प्रेम को चुराते थे। गोपियों का स्नेह और यशोदा मैया का वात्सल्य इस लीला में स्पष्ट झलकता है। गोवर्धन पूजा ने दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश पांचवें दिन की कथा का मुख्य आकर्षण गिरिराज पूजन (गोवर्धन पूजा) रहा। महाराज श्री ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने इंद्र के अहंकार को समाप्त कर गोवर्धन पर्वत की पूजा करवाई, जिससे प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश मिलता है। इस अवसर पर भगवान को छप्पन भोग अर्पित किए गए। भजनों की मधुर धुन पर श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर झूमते रहे और पूरा परिसर जयकारों से गूंज उठा। कार्यक्रम के मुख्य यजमान श्रीमती पूना बाई एवं श्री धनीराम पटेल ने विधि-विधान से व्यास पीठ का पूजन कर मंगल आरती की। यजमान परिवार ने सभी श्रद्धालुओं का आत्मीय स्वागत किया। कथा में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों सहित बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी उपस्थित रहे। कथा के समापन पर प्रसाद वितरण किया गया। अंत में महाराज श्री ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना करते हुए सभी को धर्म के मार्ग पर चलने का संकल्प दिलाया। ईएमएस/मोहने/ 14 अप्रैल 2026