राष्ट्रीय
15-Apr-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। भारतीय रेलवे ने तेज रफ्तार की दिशा में अपनी रणनीति स्पष्ट कर बुलेट ट्रेन से पहले पूरे नेटवर्क पर सेमी हाईस्पीड ट्रेनों के विस्तार पर जोर दिया है। 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली वंदे भारत ट्रेनों के बाद अब 220 किमी प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड वाली नई ट्रेनसेट के निर्माण को मंजूरी मिल गई है। इन्हें कम लागत में ज्यादा शहरों को तेज कनेक्टिविटी देने की दिशा में बड़ा कदम बताया जा रहा है। रेल मंत्रालय के अनुसार, नई पीढ़ी की ये सेमी हाई स्पीड ट्रेन मौजूदा ब्रॉड गेज ट्रैक पर दौड़ेगी, जिससे अलग कॉरिडोर बनाने की जरूरत नहीं होगी। इसके विपरीत, मुंबई-अहमदाबाद जैसी बुलेट ट्रेन परियोजनाओं के लिए अलग ट्रैक और भारी निवेश की जरुरत है। इसलिए रेलवे फिलहाल 200 किमी प्रति घंटे से अधिक गति वाले नेटवर्क को चरणबद्ध तरीके से विकसित करने पर काम कर रहा है। रेलवे बोर्ड ने मार्च के अंतिम सप्ताह में 2027-28 के कोच प्रोडक्शन प्रोग्राम के तहत दो 16-कोच ट्रेनसेट को मंजूरी दी है। स्टील बॉडी वाली इन ट्रेनों में आधुनिक तकनीक का उपयोग होगा और इनकी अनुमानित लागत करीब 866.87 करोड़ रुपए रखी गई है। तेज रफ्तार के साथ सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए ट्रैक इंफ्रास्ट्रक्चर को भी अपग्रेड किया जा रहा है। रेलवे अब पारंपरिक स्लीपर की जगह कंपोजिट स्लीपर अपना रहा है, जो हल्के, टिकाऊ और अधिक भार सहने में सक्षम हैं। इससे खासकर पुलों और क्रॉसिंग पर सफर अधिक सुरक्षित और सुगम होगा। आशीष/ईएमएस 15 अप्रैल 2026