राष्ट्रीय
15-Apr-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। आज के डिजिटल युग में, जहाँ हमारी दिनचर्या का एक बड़ा हिस्सा स्क्रीन के सामने बीतता है, आँखों की कमजोरी और दृष्टि दोष एक आम और चिंताजनक समस्या बन गई है। लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि हम आपके लिए कुछ आसान और प्राकृतिक तरीके लेकर आए हैं, जिनके नियमित उपयोग से आँखों की देखभाल की जा सकती है और घटते नंबर को भी प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है। आज के डिजिटल दौर में, लगातार कंप्यूटर, लैपटॉप और मोबाइल स्क्रीन पर काम करने से हमारी आँखें अत्यधिक थक जाती हैं। इस तनाव को कम करने के लिए आँखों के व्यायाम और सनगैजिंग (सूर्यनमस्कार) बेहद महत्वपूर्ण हो जाते हैं। इसके लिए रोजाना कम से कम 10 मिनट का समय निकालें और अपनी आँखों को धीरे-धीरे चारों दिशाओं – ऊपर, नीचे, दाएं, बाएं – में घुमाएं। इसके बाद, कुछ देर के लिए अपनी आँखों को बंद करके उन्हें आराम दें। इस व्यायाम को दिन में लगभग 5 बार दोहराने से आँखों की मांसपेशियों को मजबूती मिलती है और रक्त संचार बेहतर होता है। सनगैजिंग के लिए, सूर्योदय और सूर्यास्त से लगभग 1 घंटे पहले (जब सूर्य की किरणें कोमल हों), नंगी आँखों से सूर्य की ओर देखने की कोशिश करें। इसके बाद, अपनी दोनों हथेलियों को आपस में रगड़कर गर्म करें और फिर उन्हें धीरे से बंद आँखों पर रखें। यह क्रिया आँखों को अत्यधिक आराम प्रदान करती है और उनकी थकान दूर करती है। दूसरा महत्वपूर्ण उपाय है गर्मियों में अक्सर बढ़ने वाले आँखों के सूखेपन को दूर करना। इसके लिए रोजाना आँखों पर खीरे या ककड़ी का आईपैक लगाएं। खीरे या ककड़ी की दो पतली स्लाइस को अपनी बंद आँखों पर रखें और लगभग 10-15 मिनट तक शांत मुद्रा में लेटे रहें। खीरे में मौजूद ठंडक और नमी आँखों की थकावट को दूर करती है, सूजन को कम करती है और रक्त संचार को बेहतर बनाती है। आँखों के तनाव को कम करने का एक और अत्यंत महत्वपूर्ण तरीका है स्क्रीन टाइमिंग को नियंत्रित करना। अपने लिए एक नियम बनाएं कि रात को 9 बजे के बाद स्मार्टफोन का उपयोग नहीं करेंगे और न ही टीवी देखेंगे। यह आदत आँखों की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करेगी और स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी के कारण पड़ने वाले दबाव को कम करेगी। इससे न केवल आँखों को आराम मिलेगा बल्कि डिजिटल आई स्ट्रेन से होने वाले सिरदर्द में भी राहत मिलेगी। इसके अलावा, त्राटक क्रिया का रोजाना अभ्यास करें। इसके लिए एक अंधेरे कमरे में एक मोमबत्ती या दीया जला लें और फिर बिना पलक झपकाए उसकी लौ को लगातार देखते रहें। यह क्रिया आँखों की सफाई करती है। सुदामा/ईएमएस 15 अप्रैल 2026