ज़रा हटके
16-Apr-2026
...


सियोल (ईएमएस)। आमतौर पर स्कूलों में मिलने वाले भोजन की कल्पना में साधारण और पोषणरहित आहार ही आता है, लेकिन दक्षिण कोरिया ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में वहां के स्कूलों का लंच देखकर लोग दंग रह गए हैं। सबसे खास बात यह है कि वहां की रसोई किसी आधुनिक लैब से कम नहीं दिखती, जहां स्टाफ पूरी सावधानी से मास्क और दस्ताने पहनकर, अत्यधिक स्वच्छ तरीके से भोजन तैयार करता है। सफाई के उच्च मानदंड बच्चों को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। इस सुपरहिट लंच प्लेट में सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि सेहत का पूरा ख्याल रखा जाता है। इसमें गरमागरम चावल या नूडल्स के साथ प्रोटीन के लिए मांस, मछली या टोफू शामिल होता है। साथ में ताजी सब्जियों का सलाद, गरमागरम सूप और कोरिया की मशहूर फर्मेंटेड गोभी से बनी डिश किमची इस थाली को न सिर्फ स्वादिष्ट, बल्कि अत्यधिक पौष्टिक बनाती है। खाने की प्रस्तुति इतनी अच्छी होती है कि बच्चे बिना नखरे किए इसे बड़े चाव से खा लेते हैं। कई बार डेजर्ट में ताजे फल या आइसक्रीम भी दी जाती है, जो इस थाली को और भी खास बना देती है। यह सुनिश्चित किया जाता है कि हर भोजन संतुलित हो और बच्चों की दैनिक पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करे। दिलचस्प बात यह है कि जहां दुनियाभर में मोटापे की समस्या तेजी से बढ़ रही है, वहीं दक्षिण कोरिया में यह दर काफी कम है। विशेषज्ञ इसका श्रेय स्कूलों में मिलने वाले साफ, संतुलित और पौष्टिक भोजन को देते हैं। कम तेल का उपयोग, ताजी सब्जियों की अधिकता और फर्मेंटेड खाद्य पदार्थ बच्चों की पाचन क्षमता और मानसिक विकास को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह व्यवस्था कोई नई नहीं है, बल्कि 1953 के बाद शुरू हुई थी और आज एक आदर्श मॉडल के रूप में वैश्विक स्तर पर देखी जाती है, जहां शिक्षा के साथ बच्चों के समग्र विकास को प्राथमिकता दी जाती है। इस वीडियो पर भारतीय यूजर्स भी मजेदार और हैरान करने वाली प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कोई इसे 5-स्टार होटल के बुफे से तुलना कर रहा है तो कोई अपने बचपन के स्कूल के खाने को याद कर अफसोस जता रहा है। यह सिर्फ भोजन की बात नहीं, बल्कि एक राष्ट्र की अपने बच्चों के भविष्य के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सुदामा/ईएमएस 16 अप्रैल 2026