बीजिंग (ईएमएस)। पडोसी देश चीन से एक चौकाने वाला मामला सामने आया है जहां एक गेमिंग कंपनी ने अपने एक पूर्व कर्मचारी का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) क्लोन तैयार कर दिया है। कंपनी के इस कदम ने कार्यस्थल में एक नई बहस छेड़ दी है। यह मामला है चीन के शेडोंग प्रांत का, जहां कंपनी ने अपने मानव संसाधन (एचआर) टीम के एक पूर्व सदस्य का डिजिटल अवतार तैयार किया है। इस डिजिटल अवतार का उद्देश्य यह था कि कर्मचारी के नौकरी छोड़ने के बाद भी उसका काम अप्रभावित रहे और कंपनी के संचालन पर कोई फर्क न पड़े। इस अनोखे कदम ने न केवल तकनीकी नवाचार की सीमाओं को धकेला है, बल्कि कार्यस्थल की नैतिकता, डेटा गोपनीयता और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सामाजिक प्रभावों को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े किए हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, इस डिजिटल वर्कर को पूर्व कर्मचारी के काम करने के दौरान एकत्र किए गए डेटा और सामग्री का उपयोग करके प्रशिक्षित किया गया था। इस प्रक्रिया में उसके ईमेल, चैट लॉग, कार्यप्रवाह पैटर्न और अन्य व्यावसायिक संचार शामिल थे, जिससे एआई क्लोन उसके जैसे ही कार्य करने में सक्षम हो गया। कंपनी का दावा है कि पूर्व कर्मचारी ने अपने डेटा के उपयोग के लिए सहमति दी थी। ऑनलाइन साझा किए गए डेमो में, यह डिजिटल अवतार स्पष्ट रूप से अपना परिचय देता है, बताता है कि यह एक पूर्व कर्मचारी पर आधारित है, और पिछले काम के रिकॉर्ड से मिली जानकारी का उपयोग करके सवालों के जवाब देता है। यह एआई-पावर्ड क्लोन अब मानव संसाधन से संबंधित कई जिम्मेदारियां संभाल सकता है। इसमें कर्मचारियों के सवालों के जवाब देना, शेड्यूल प्रबंधित करना, और प्रेजेंटेशन व स्प्रेडशीट जैसे बुनियादी कार्यालय दस्तावेज़ तैयार करना शामिल है। एक स्टाफ सदस्य ने यह भी बताया कि यह टूल अभी भी आंतरिक परीक्षण के दौर में है और इसमें सुधार की गुंजाइश है। कंपनी ने भविष्य में बड़े पैमाने पर स्वचालन (ऑटोमेशन) की योजनाओं पर भी विचार कर रही है, जिसमें ह्यूमनॉइड रोबोट को फ्रंट-डेस्क भूमिकाओं में शामिल करना और कार्यालय के बुनियादी कामकाज को निपटाना भी शामिल है। हालांकि, इस मामले ने कानूनी और नैतिक चिंताओं को गहरा कर दिया है। हेनान जेजिन लॉ फर्म के निदेशक और कानूनी विशेषज्ञ फू जियान ने चेतावनी दी कि कार्यस्थल से जुड़ा डेटा, जिसमें ईमेल, चैट लॉग और व्यवहार पैटर्न शामिल हैं, व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा के दायरे में आता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे डेटा को एआई प्रशिक्षण के लिए उपयोग करने से पहले कंपनियों को कर्मचारियों से स्पष्ट और सूचित सहमति प्राप्त करनी चाहिए। फू जियान ने यह भी कहा कि कुछ मामलों में, इस तरह के डेटा को संवेदनशील श्रेणी में भी रखा जा सकता है। किसी भी कर्मचारी के काम से जुड़े मटेरियल का अनधिकृत उपयोग प्राइवेसी और डेटा प्रोटेक्शन कानूनों का उल्लंघन कर सकता है, जिसके गंभीर मामलों में जेल की सजा और भारी जुर्माना जैसी कड़ी सजाएं भी हो सकती हैं। सुदामा/ईएमएस 15 अप्रैल 2026