नई दिल्ली (ईएमएस)। दिल्ली हाई कोर्ट ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमले के आरोपियों के खिलाफ ट्रायल पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। जस्टिस भंभानी ने कहा कि उन्हें कोई गलती नहीं दिखती। कोर्ट ने आरोपियों के मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच का आदेश दिया है। अगली सुनवाई 21 मई को होगी। दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को पिछले साल अगस्त में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर हमला करने के आरोपी दो लोगों के खिलाफ ट्रायल कोर्ट की कार्रवाई पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। जस्टिस अनूप जयराम भंभानी ने सकरिया राजेशभाई खिमजीभाई और तहसीन रजा की तरफ से पेश हुए वकील की ट्रायल पर रोक की अर्जी को खारिज कर दी। वकील ने कहा कि मामले की अगली सुनवाई 20 अप्रैल को होनी है, जब सबूत पेश होने शुरू होने हैं। ट्रायल कोर्ट पहले ही मेडिकल चीफ, मेडिको-लीगल सर्टिफिकेट (एमएलसी) तैयार करने वाले एग्जामिनर और मुख्यमंत्री के पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (पीएसओ) को तलब कर चुका है। जस्टिस भंभानी ने आरोपियों की ट्रायल पर रोक लगाने की अर्जी को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि मैं किसी चीज पर तब तक रोक लगाने में विश्वास नहीं करता जब तक मुझे यह साफ न हो कि कुछ गलत हो रहा है या होगा। मुझे यहां ऐसा बिल्कुल नहीं दिख रहा है। कोर्ट ने यह भी सवाल किया कि जब दोनों लोग दिल्ली के रहने वाले नहीं थे तो गुप्ता की “जन सुनवाई” में क्यों थे? जस्टिस भंभानी ने कहा कि मुझे अभी भी समझ नहीं आया कि आप दिल्ली में क्यों थे? - अजीत झा /देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/16/अप्रैल /2026