राष्ट्रीय
16-Apr-2026
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जयराम ने कहा- मोदी सरकार ने इस मामले पर कोई सार्थक परामर्श नहीं किया नई दिल्ली,(ईएमएस)। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने गुरुवार को कहा कि विपक्ष राज्यसभा के उपसभापति के चुनाव का बहिष्कार करेगा। यह मोदी सरकार द्वारा सात सालों से लोकसभा में उपसभापति नियुक्त न किए जाने के विरोध में किया जा रहा है। रमेश ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि सरकार ने इस मामले पर कोई सार्थक परामर्श भी नहीं किया। उन्होंने कहा कि विपक्ष को उम्मीद है कि हरिवंश 3.0 उनकी मांगों के प्रति अधिक उदार और ग्रहणशील होगा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जयराम रमेश ने अपने पोस्ट में कहा कि पहली बात तो यह है कि मोदी सरकार ने सात सालों से लोकसभा में उपसभापति नियुक्त नहीं किया है। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। दूसरी बात राज्यसभा में उपसभापति का पद उपसभापति के पद के समान होता है। हरिवंश का दूसरा कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हुआ। एक दिन बाद ही उन्हें भारत के राष्ट्रपति द्वारा राज्यसभा सदस्य के रूप में मनोनीत किया गया और अब वे एनडीए के उपसभापति पद के लिए तीसरे कार्यकाल के उम्मीदवार हैं। उन्होंने कहा कि राज्यसभा के लिए राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत किसी व्यक्ति को उपसभापति पद के लिए पहले कभी नहीं चुना गया है। कांग्रेस नेता ने कहा कि तीसरा यह सब विपक्ष से बिना किसी परामर्श के किया जा रहा है। रमेश ने कहा कि इन तीन कारणों से और विरोध जताते हुए लेकिन विद्वान हरिवंश का अनादर किए बिना- विपक्ष ने खेदपूर्वक 17 अप्रैल को होने वाले उपसभापति चुनाव का बहिष्कार करने का फैसला लिया है। राज्यसभा में उपसभापति पद के लिए 17 अप्रैल को चुनाव होंगे। सत्ताधारी एनडीए पार्टी हरिवंश को इस अहम पद पर दोबारा निर्वाचित कराने का प्रयास कर सकती है। , बता दें हरिवंश का कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त होने के बाद राज्यसभा के उपसभापति का पद खाली हो गया था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हरिवंश को उपसभापति पद के लिए मनोनीत किया था और उन्होंने 10 अप्रैल को शपथ ली थी। केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता जेपी नड्डा जो राज्यसभा में सदन के नेता भी हैं, उन्होंने हरिवंश को उपसभापति के रूप में पुनः निर्वाचित कराने के लिए विभिन्न दलों के नेताओं से चर्चा की है और उनके नाम पर व्यापक सहमति बनाने का प्रयास किया है। सिराज/ईएमएस 16अप्रैल26 ----------------------------------