महिला आरक्षण को मौजूदा लोकसभा की 543 सीटों के आधार पर ही लागू करे नई दिल्ली,(ईएमएस)। नई दिल्ली में लोकसभा के विशेष सत्र के दौरान कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर केंद्र पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार महिला आरक्षण को लागू करने के नाम पर वास्तव में परिसीमन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना चाहती है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक है। कांग्रेस सांसद गोगोई ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से महिला आरक्षण की समर्थक रही है, लेकिन वे सरल और तत्काल लागू किए जाने के पक्ष में है, न कि इस कानून को अन्य जटिल प्रक्रियाओं से जोड़ने के बाद लागू करने पर। कांग्रेस सांसद गोगोई ने कहा कि तीन साल पहले भी केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों ने महिला आरक्षण को “ऐतिहासिक” बताकर इसतरह के बयान दिए थे, लेकिन वास्तविकता में कानून को लागू करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार महिला आरक्षण को जनगणना और परिसीमन से जोड़कर अनावश्यक देरी कर रही है। उनका कहना था कि यदि मोदी सरकार वास्तव में महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देना चाहती, तब इस कानून को पहले ही लागू किया जा सकता था। कांग्रेस नेता गोगोई ने सुझाव दिया कि महिला आरक्षण को मौजूदा लोकसभा की 543 सीटों के आधार पर ही लागू किया जाना चाहिए, ताकि बिना किसी देरी के महिलाओं को प्रतिनिधित्व मिले। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह सरल विधेयक लाए, जिससे पारित होते ही आरक्षण लागू हो सके। उनके अनुसार, वर्तमान विधेयक का उद्देश्य महिला सशक्तिकरण नहीं, बल्कि परोक्ष रूप से परिसीमन को लागू करना है। उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के 2023 के उस आश्वासन का भी उल्लेख किया, जिसमें जनगणना, परिसीमन और महिला आरक्षण को क्रमवार लागू करने की बात कही गई थी। लेकिन अब मोदी सरकार के रुख में बदलाव दिख रहा है, जिससे यह संदेह पैदा होता है कि महिला आरक्षण को जानबूझकर टाला जा रहा है। इसके अलावा, उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा सीटों की संख्या 815 तक बढ़ाने के संभावित निर्णय पर भी सवाल उठाया। उनका कहना था कि यह स्पष्ट नहीं है कि इस संख्या का निर्धारण किस आधार पर किया गया है, और इससे यह आशंका बढ़ती है कि परिसीमन को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। गोगोई ने कहा कि देश के संविधान निर्माताओं ने परिसीमन की व्यवस्था निष्पक्षता और संतुलन बनाए रखने के लिए की थी, न कि राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने के लिए। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह इस प्रक्रिया का उपयोग निम्न स्तर की राजनीति के लिए करना चाहती है। आशीष दुबे / 16 अप्रैल 2026