-पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम का सपना पूरा करने जा रहे पीएम मोदी नई दिल्ली,(ईएमएस)। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में कहा कि महिलाओं के लिए आरक्षण संबंधी ऐतिहासिक निर्णय को लागू करने का समय आ चुका है। उन्होंने परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन विधेयक के साथ-साथ संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक, 2026 पर चर्चा शुरू की। इसके पहले केंद्रीय मंत्री मेघवाल ने परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन विधेयक को पारित करने के प्रस्ताव पर प्रक्रिया नियमों के नियम 66 के प्रावधान को निलंबित करने का प्रस्ताव रखा, क्योंकि ये विधेयक संविधान संशोधन विधेयक, 2026 पर निर्भर हैं। इसके बाद सदन में मतदान के बाद यह प्रस्ताव पारित हो गया। लोकसभा अध्यक्ष द्वारा घोषित किए गए मतों के अनुसार, 251 सदस्यों ने इसके पक्ष में और 185 सदस्यों ने इसके विरोध में मतदान किया। प्रस्ताव में बताया गया है कि यह सदन परिसीमन विधेयक, 2026 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पर विचार करने और उन्हें पारित करने के प्रस्तावों के संबंध में लोकसभा में कार्य प्रक्रिया एवं संचालन नियमों के नियम 66 के परंतुक को निलंबित करे, क्योंकि ये संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक, 2026 पर निर्भर हैं। उन्होंने 2023 में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम का हवाला देकर कहा कि आज उस ऐतिहासिक निर्णय को लागू करने का समय आ चुका है। उन्होंने मोदी सरकार की सामाजिक न्याय से जुड़ी योजनाओं का उल्लेख कर कहा कि इस सरकार के पास नीयत और नीति है और साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के रूप में सशक्त नेतृत्व भी है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण से संबंधित विधेयक को लागू करने से महिलाओं को राजनीतिक न्याय मिलेगा। केंद्रीय मंत्री मेघवाल ने कहा कि लोकसभा में सीटों की संख्या में 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी करने का प्रावधान है और इसके बाद सीटों की संख्या बढ़कर 815 होगी। उन्होंने विपक्षी सदस्यों की आशंकाओं को खारिज कर कहा कि किसी राज्य को कोई नुकसान नहीं होगा। मंत्री का कहना था कि जो ताकत जिस राज्य की है, वहां इस बिल के बाद बनी रहेगी। केंद्रीय मंत्री मेघवाल ने पूर्व राष्ट्रपति डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम के महिला आरक्षण से संबंधित एक कथन का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में कलाम के सपने को पूरा किया जा रहा है। आशीष दुबे / 16 अप्रैल 2026