कोलकाता,(ईएमएस)। चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों को देखकर 200 से अधिक स्थानों को हिंसा-संभावित घोषित किया है। चुनाव आयोग का यह कदम राज्य में चुनावी और चुनाव बाद हिंसा के इतिहास को ध्यान में रखकर उठाया गया है। चुनाव आयोग ने इन संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त निर्देश जारी कर दिए हैं। जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को सक्रिय भूमिका निभाने के लिए कहा गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अशांति को समय रहते रोका जा सके। आयोग के निर्देशों के तहत जिला मजिस्ट्रेट (डीएम), पुलिस अधीक्षक (एसपी) और पुलिस आयुक्त (सीपी) को इन चिन्हित क्षेत्रों का दौरा करने को कहा गया है। अधिकारियों को स्थानीय स्तर पर लोगों से संवाद बढ़ाने और विश्वास-निर्माण के उपाय करने पर विशेष जोर देने के निर्देश दिए गए हैं। आयोग का मानना है कि इन कदमों से चुनाव के दौरान निष्पक्ष और शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित किया जा सकेगा। साथ ही, संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती और निगरानी बढ़ाने की संभावना भी जताई गई है। पश्चिम बंगाल में पहले भी कई चुनावों के दौरान हिंसा और तनाव की घटनाएं सामने आती रही हैं, इसकारण आयोग इस बार विशेष सतर्कता दिखा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, समय रहते उठाए गए ये कदम न केवल हिंसा की संभावनाओं को कम कर सकते हैं, बल्कि मतदाताओं के बीच विश्वास भी बढ़ाएंगे, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी। आशीष दुबे / 16 अप्रैल 2026