क्षेत्रीय
16-Apr-2026
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- एनजीटी के कछपुरा मालगोदाम के हालातों में सुधार नहीं जबलपुर, (ईएमएस)। रेल्वे के कछपुरा मालगोदाम से उड़ती धूल से आजू-बाजू के कॉलोनीवासियों का जीना दूभर हो गया है। इससे लगभग 50 हजार लोग परेशान हो रहे हैं। दिन के अलावा शाम के वक्त्त भी मालगोदाम के वाहनों की आवाजाही के कारण धूल उड़ती रहती है। एक वर्ष पूर्व में डॉ.पी.जी. नाजपांडे तथा रजत भार्गव ने कछपुरा मालगोदाम को अन्यत्र शिफ्ट करने हेतु नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में याचिका दायर की थी, किंतु एनजीटी ने ऐसी शिफ्टिंग का आदेश देना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है, यह कहकर निर्देश जारी किये कि रेल्वे साइडिंग हेतु पर्यावरण के बाबद बनाये गये रेग्युलेशन पर रेल्वे तथा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सख्ती से अमल करना चाहिये। किंतु 7 अप्रैल 2025 को जारी किये आदेश पर ठोस कार्यवाही नहीं होने से स्थितियों में सुधार अभी तक नहीं हो सका है। - कमाई के फेर में गढ़ा में शिफ्टिंग........... जनसंगठनों ने आरोप लगाया कि खाद्यान्य के अलावा सीमेंट और आयरन ओर की लोडिंग-अनलोडिंग गढ़ा साइडिंग से किया जाये, यह निर्णय होने के बावजूद भी अभी तक इस पर कार्यवाही नहीं की गई है। वास्तविकता में कमाई के पेच में यह कार्य अभी भी कछपुरा से किया जा रहा है। किंतु इससे भारी संख्या के निवासियों को परेशानियां हो रही हैं, इसकी तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया है। लिहाजा एनजीटी में पुन: याचिका दायर करने की बात कही गई हैं। इस अवसर पर डॉ.पी.जी. नाजपांडे, रजत भार्गव, एड. वेदप्रकाश अधौलया, टी. के. रायघटक, डी. के. सिंह, सुभाष चंद्रा, मनीष शर्मा, संतोष श्रीवास्तव, सुशीला कनौजिया, गीता पांडे, पी.एस. राजपूत, डी.आर. लखेरा आदि ने एनजीटी के निर्देशों के तहत व्यवस्था करने की मांग की है। - सुनील साहू / मोनिका / 16 अप्रैल 2026/ 04.04