इन्दौर (ईएमएस) भोपाल की यूनियन कार्बाइड कंपनी के 337 टन जहरीले कचरे को पीथमपुर की जिस रामकी कंपनी में जलाया गया था वहां तीन दिन पहले हुए धमाकों से क्षेत्र में दहशत फैल गई थी। जिसके बाद उस हिस्से में जहां धमाके हुए कर्मचारियों के जाने पर रोक लगा जांच कार्रवाई शुरू की गई थी। जांच कर रही टीम के अनुसार प्रारंभिक जांच में धमाकों का कारण पता लगा है कि अलग-अलग कंपनियों से आए कचरे को मिलाने के बाद हुई रासायनिक प्रक्रिया के कारण ये धमाके हुए। ये धमाके प्लांट के स्टेब्लाइजिंग सेक्शन में हुए, जिसे सील कर वहां किसी के भी आने जाने पर रोक लगा दी है। हालांकि ये कारण प्रारंभिक जांच में सामने आए हैं फिलहाल जांच जारी है। बता दें कि भोपाल की यूनियन कार्बाइड कंपनी के जहरीले 337 टन कचरे को इस प्लांट में जला उसकी 700 टन राख को वहीं डंप किया गया था। गत मंगलवार को प्लांट में एक के बाद एक तीन धमाके हुए जिसकी धमक प्लांट से 400 मीटर तारापुर गांव तक सुनाई दी और वहां ग्रामीणों ने कंपन जैसा भी महसूस किया था। घटना की जांच के लिए एमपीआईडीसी के हेल्थ एंड सेफ्टी विभाग की टीम को नियुक्त कर दिया था जो अभी जांच कर रही है। आनंद पुरोहित/ 17 अप्रैल 2026