राज्य
17-Apr-2026
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पटना, (ईएमएस)। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तर्ज पर “जनता दरबार” कार्यक्रम को फिर से शुरू करने का फैसला लिया है। इस पहल को सरकार और जनता के बीच दूरी कम करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। दरअसल, नीतीश कुमार के कार्यकाल में “जनता के दरबार में मुख्यमंत्री” कार्यक्रम काफी लोकप्रिय रहा था। इस मंच के जरिए आम लोग सीधे मुख्यमंत्री के सामने अपनी समस्याएं रखते थे और मौके पर ही संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहते थे। इससे शिकायतों का त्वरित समाधान संभव हो पाता था और सरकारी कामकाज में पारदर्शिता भी बढ़ती थी। हालांकि कुछ निजी वजहों से इस कार्यक्रम को रोक दिया गया था। लेकिन अब सरकार बदली है तो इसे फिर से शुरू किया जा रहा है। अब सम्राट चौधरी के सीएम बनते ही उन्होंने जनता दरबार लगाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी इसी मॉडल को अपनाते हुए जनता दरबार लगाने की तैयारी में जुट गए हैं। जानकारी के मुताबिक, उन्होंने इस कार्यक्रम को दोबारा शुरू करने के लिए अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की और इसकी संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। सरकार का मानना है कि जनता दरबार के माध्यम से आम लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। उन्हें सीधे मुख्यमंत्री के सामने अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा, जिससे न सिर्फ उनकी समस्याओं का जल्दी समाधान होगा बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था में भी जवाबदेही तय होगी। खास बात यह है कि इस दौरान विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहेंगे, ताकि शिकायतों का तुरंत निपटारा किया जा सके। संतोष झा-१७ अप्रैल/२०२६/ईएमएस