कोरबा (ईएमएस) सरकार ने अपनी फ्लैगशिप योजना महतारी वंदन के तहत महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपए की सहायता देना जारी रखा है। व्यवहारिक कारणों से सभी हितग्राहियों को कहा गया है कि अपना ई-केवाईसी जरूर कराएं। इस काम को च्वाइस सेंटर से निशुल्क करने की व्यवस्था है। आईसीडीएस के डीपीओ बसंत मिंज ने बताया कि अब तक मिली शिकायतों पर तीन च्वाइस सेंटर पर कार्यवाही की गई है। जहां से भी ऐसी शिकायत आएगी वहां भी नकेल कसेंगे। छत्तीसगढ़ प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार ने महिला सशक्तिकरण के अंतर्गत महतारी वंदन की योजना चुनाव के बाद क्रियान्वित किया। जबकि चुनाव के दौरान इसे घोषित किया गया था। तब से लगातार पात्र हितग्राहियों को हर महीने एक हजार रुपए की सहायता दी जा रही है। विभिन्न स्तर से आ रही शिकायतों के आधार पर अब ऐसे सभी मामलों में ई-केवाईसी का विकल्प अनिवार्य किया गया है। आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ ही च्वाइस सेंटर में इस काम को नि:शुल्क संपन्न कराना है। इस बारे में प्रशासन के जनसंपर्क विभाग की ओर से पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है। किसी भी स्थिति में हितग्राहियों से रुपए नहीं लेना है। परंतु अनेक केंद्र के संचालक लोगों से 50 से 100 रुपए की वसूली अवैध रूप से कर रहे हैं और एक प्रकार से सरकारी व्यवस्था को चुनौती देने का काम भी कर रहे हैं। डीपीओ ने कहा कि इस तरह की मनमानी बर्दाश्त नहीं होगी। जिले में ऐसे तीन च्वाइस सेंटर को सील किया गया है। हितग्राहियों अथवा अन्य स्तर से आने वाली शिकायत पर आगे भी कार्यवाही होगी। इसके अधिकार चिप्स को दिए गए हैं। * ग्राम गुरसिया में 400 से ज्यादा महिलाओं से रुपए लेने का आरोप शहरी क्षेत्र में महतारी वंदन की ई-केवाइसी की प्रक्रिया में महिलाएं रुपए दे सकती हैं तो ग्रामीण क्षेत्र इस बीमारी से कैसे बच सकता है। पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड के ग्राम गुरसिया में संचालित ग्राहक सेवा केंद्र के संचालन में ई-केवाईसी के नाम पर जमकर वसूली की। अब तक 400 से अधिक महिलाओं ने यहां ई-केवाईसी कराया और इसके बदले संचालक को 50 से 60 रुपए की राशि का भुगतान किया। इस केंद्र के माध्यम से मानिकपुर, सरभोंका, रिंगनिया क्षेत्र की महिलाओं ने केवाईसी कराया है। संचालक ने प्रक्रिया के मुफ्त होने के बारे में महिलाओं को किसी भी स्तर पर जानकारी नहीं दी। बताया जा रहा हैं कि कोनकोना पंचायत के लिए ई-केवाईसी के नाम पर महिलाओं को रुपए देने पड़े। उन्होंने भी जानकारी के अभाव में शिकायत नहीं की। 17 अप्रैल / मित्तल