अंतर्राष्ट्रीय
17-Apr-2026


-होर्मुज पर 40 देशों की बैठक की तैयारी पेरिस,(ईएमएस)। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित करने के लिए यूरोपीय देशों ने बड़ा कदम उठाने के संकेत दिए हैं। फ्रांस की रक्षा मंत्री कैथरीन वॉट्रिन ने कहा है कि फ्रांस, बेल्जियम और नीदरलैंड जैसे देशों के पास इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से बारूदी सुरंगों को हटाने और जहाजों को सुरक्षित मार्ग देने की पूरी क्षमता मौजूद है। एक फ्रांसीसी टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में वॉट्रिन ने स्पष्ट किया कि यूरोपीय देश न केवल माइन-क्लीयरिंग ऑपरेशन चला सकते हैं, बल्कि जहाजों को “फुल-स्केल एस्कॉर्ट” यानी पूर्ण सुरक्षा कवच भी प्रदान कर सकते हैं। यह कदम ऐसे समय में सामने आया है जब इस जलडमरूमध्य में अस्थिरता के कारण वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर खतरा मंडरा रहा है। इसी बीच, कीर स्टारमर और इमैनुएल मैक्रॉन की अगुवाई में एक बड़े अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन की तैयारी की जा रही है। इस वर्चुअल बैठक में करीब 40 देशों के शामिल होने की उम्मीद है, जहां इस अहम समुद्री मार्ग को दोबारा सुरक्षित और सुचारु रूप से खोलने पर चर्चा होगी। सूत्रों के अनुसार, इस प्रस्तावित अंतर्राष्ट्रीय मिशन का स्वरूप पूरी तरह रक्षात्मक होगा, जिसका उद्देश्य समुद्री जहाजों और उनके चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। साथ ही, यह पहल अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन के प्रयासों को भी मजबूती देगी, जो वैश्विक समुद्री सुरक्षा को लेकर काम कर रहा है। जर्मनी ने भी इस पहल में भागीदारी के संकेत दिए हैं। जर्मन अधिकारियों का कहना है कि यदि स्पष्ट कानूनी ढांचा तैयार होता है, तो वे माइन-स्वीपिंग जहाजों और समुद्री निगरानी क्षमताओं के जरिए योगदान देने को तैयार हैं। गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे व्यस्त ऊर्जा मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस का परिवहन होता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की बाधा का असर सीधे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। हिदायत/ईएमएस 17अप्रैल्26