- ननिहाल में अनाथ नाबालिग से दरिंदगी: मां बनने के बाद घर से निकाला, डालसा के हस्तक्षेप से आरोपी जेल, पीड़िता को मिली नई उम्मीद रांची(ईएमएस)।अनगड़ा क्षेत्र से मानवता और रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक क्रूर घटना सामने आई है।यहाँ अपने ननिहाल में रह रही एक 13 वर्षीय अनाथ बच्ची के साथ न सिर्फ दुष्कर्म किया गया, बल्कि गर्भवती होने और प्रसव के बाद उसे दर-दर भटकने के लिए घर से निकाल दिया गया।इस खौफनाक दर्द से गुजर रही मासूम के लिए अंततः जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), रांची एक मसीहा बनकर सामने आया है।पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और बच्ची के सुरक्षित भविष्य की रूपरेखा भी तैयार कर ली गई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता एक 13 वर्षीय अनाथ बच्ची है जो टाटीसिलवे थाना क्षेत्र स्थित अपने ननिहाल में रह रही थी, इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले अर्जुन मुंडा (21 वर्ष) की नीयत बच्ची पर बिगड़ गई।आरोपी अर्जुन ने डरा-धमका कर बच्ची के साथ कई बार दुष्कर्म किया, जिसके परिणामस्वरूप नाबालिग गर्भवती हो गई।जब बच्ची के गर्भवती होने की भनक उसके परिजनों (मामा-मामी) को लगी, तो उन्होंने न्याय मांगने के बजाय सामाजिक लोक-लाज के डर से एक पंचायत बुलाई और पूरे मामले को रफा-दफा कर दिया। अमानवीयता की हद तो तब पार हो गई जब परिजनों ने बिना किसी चिकित्सकीय सहायता के घर पर ही बच्ची का अवैध रूप से प्रसव करा दिया। उचित देखभाल के अभाव में कुछ दिनों बाद नवजात बीमार पड़ा और उसकी मौत हो गई।इस त्रासदी के बाद, मामा-मामी ने बच्ची को सहारा देने के बजाय उसे घर से ही बाहर निकाल दिया, जिससे वह दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हो गई।इस हृदयविदारक घटना की जानकारी पैरा लीगल वालंटियर्स बेबी सिन्हा और मालती कुमारी को मिली, जिन्होंने तुरंत इसकी सूचना डालसा, रांची को दी. सूचना मिलते ही झालसा के कार्यपालक अध्यक्ष न्यायमूर्ति सुजित नारायण प्रसाद, सदस्य सचिव कुमारी रंजना अस्थाना एवं डालसा अध्यक्ष सह न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा के कड़े निर्देश पर पूरी मशीनरी हरकत में आ गई।डालसा सचिव राकेश रौशन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और बेघर बच्ची को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया।रेस्क्यू के बाद डालसा सचिव ने हेडक्वार्टर डीएसपी-2 अमर कुमार पांडे और थाना प्रभारी हंसे उरांव से समन्वय स्थापित किया।इसके बाद टाटीसिलवे थाने में आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की सुसंगत धाराओं के तहत नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई।थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर हंसे उरांव ने बताया कि पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी अर्जुन मुंडा (21) को गिरफ्तार कर लिया है और उसे न्यायिक हिरासत (जेल) भेज दिया गया है।रेस्क्यू किए जाने के बाद बच्ची को चाइल्ड हेल्पलाइन की मदद से बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया।काउंसलिंग के दौरान जब बच्ची से पूछा गया, तो उसने आगे पढ़ने और कुछ बनने की इच्छा जताई। बच्ची की इस सकारात्मक सोच को देखते हुए डालसा ने उसके पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, बच्ची का नामांकन अब कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में कराया जा रहा है, ताकि उसे एक सुरक्षित माहौल और बेहतर भविष्य मिल सके।इस पूरी घटना ने जहां एक ओर समाज की संवेदनहीनता को उजागर किया है, वहीं डालसा और पुलिस की सक्रियता ने न्याय व्यवस्था पर आम लोगों के भरोसे को और मजबूत किया है। कर्मवीर सिंह/17अप्रैल/26