:: धार और खरगोन के 194 हेक्टेयर में फसल बर्बाद होने पर बड़ी कार्रवाई; मंत्री कुशवाह ने दिए जांच के निर्देश :: इंदौर (ईएमएस)। उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्री नारायन सिंह कुशवाह ने प्रदेश में किसानों के हितों की रक्षा के लिए खाद-बीज विक्रय करने वाली संस्थाओं की जांच हेतु विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि गुणवत्ता से खिलवाड़ करने वाली कंपनियों को बख्शा नहीं जाएगा। इसी कड़ी में इंदौर संभाग के धार और खरगोन में किसानों को भारी आर्थिक नुकसान पहुँचाने वाली हैदराबाद की कंपनी नुन्हेम्स इंडिया प्रा. लि. पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उसे प्रतिबंधित कर दिया गया है। मंत्री कुशवाह ने बताया कि इस कंपनी द्वारा बेचे गए करेले के बीज रोबस्टा ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। धार जिले के 84 हेक्टेयर और खरगोन जिले के 110 हेक्टेयर क्षेत्र में किसानों ने यह फसल लगाई थी। बुवाई के करीब 80 से 90 दिन बाद जब उत्पादन का समय आया, तो फल पीले पड़कर बेल से खुद ही टूटकर गिरने लगे। शिकायत के बाद कलेक्टरों द्वारा कराई गई जांच में बीज की गुणवत्ता निम्न स्तर की पाई गई, जिसके बाद इस किस्म के विक्रय, भंडारण और परिवहन को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित कर दिया गया है। करेले की फसल में हुए इस व्यापक नुकसान को सरकार ने गंभीरता से लिया है। आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955, बीज अधिनियम 1966 और बीज नियंत्रण आदेश 1983 के उल्लंघन पर संबंधित कंपनी के विरुद्ध धार जिले में आपराधिक प्रकरण (एफआईआर) दर्ज कराया गया है। मंत्री ने कहा कि किसानों को उद्यानिकी फसलों का उत्तम बीज उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है और दोषी कंपनी पर यह कार्रवाई अन्य संस्थाओं के लिए एक कड़ा संदेश है। :: प्रदेश भर में चलेगा जांच अभियान :: मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि सभी जिलों में खाद-बीज दुकानों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। इसके लिए भोपाल स्थित संचालनालय के वरिष्ठ अधिकारी भी जिलों का भ्रमण कर आकस्मिक निरीक्षण करेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसी किसी भी संस्था या दुकान को न छोड़ें जहाँ किसानों को घटिया सामग्री प्रदाय की जा रही हो। किसानों को खरीफ सीजन में अच्छी गुणवत्ता के आदान प्राप्त हों, यह सुनिश्चित करना विभाग की जिम्मेदारी है। प्रकाश/17 अप्रैल 2026