क्षेत्रीय
18-Apr-2026
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कोरबा (ईएमएस)। कोरबा-सक्ती जिले की सीमा पर स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण बायलर विस्फोट ने पूरे छत्तीसगढ़ को स्तब्ध कर दिया है। इस हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिकों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जबकि दर्जनों घायल श्रमिक अस्पतालों में जीवन और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। इस औद्योगिक त्रासदी की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित की है। 16 अप्रैल गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सहित समिति के सदस्यों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पीड़ितों से मुलाकात की। घटनास्थल पर पहुंचे पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार और प्रबंधन पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि “यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि प्रबंधन की लापरवाही से किया गया सदोष मानव वध है। पिछले ढाई सालों में राज्य में लगभग 300 श्रमिकों ने औद्योगिक दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवाई है। सरकार हर बार प्रबंधन को बचाने का काम करती है, जिससे ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हो रही है।” - कांग्रेस की प्रमुख मांग अंतर्गत मृतकों के परिजनों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा, गंभीर रूप से घायलों को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, दोषी प्रबंधन के खिलाफ तत्काल आपराधिक मुकदमा दर्ज हो आदि शामिल हैं। - सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने प्रारंभिक जांच के हवाले से बताया कि प्लांट में भट्टी बंद किए बिना ही जोखिम भरे काम कराए जा रहे थे। उन्होंने कहा कि बिना उचित परमिट और सुरक्षा उपकरणों के काम कराना यहाँ सामान्य बात हो गई है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि पूरे प्रदेश के उद्योगों का सुरक्षा ऑडिट कराया जाए। जांच दल में कांग्रेस की जांच समिति के संयोजक जयसिंह अग्रवाल सहित सदस्यगण पूर्व मंत्री उमेश पटेल, पूर्व मंत्री नोबेल वर्मा, विधायक रामकुमार यादव, उत्तरी जांगड़े, अटल श्रीवास्तव, बालेश्वर साहू, राघवेन्द्र सिंह, व्यास कश्यप, शेषराज हरवंश, जिला अध्यक्ष रश्मि गबेल, राजेश अग्रवाल आदि शामिल हैं। - 18 अप्रैल / मित्तल