आईपीएल इतिहास में 14वीं बार हुए डक का शिकार नई दिल्ली (ईएमएस)। अजिंक्य रहाणे का मौजूदा फॉर्म इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के लिए एक गंभीर सिरदर्द बनता जा रहा है। न तो रहाणे अपनी कप्तानी से टीम को प्रेरित कर पा रहे हैं और न ही उनका बल्ला उम्मीद के मुताबिक रन उगल रहा है। सीजन के 25वें मुकाबले में गुजरात टाइटंस के खिलाफ जब वे सलामी बल्लेबाज के रूप में क्रीज पर उतरे तो प्रशंसकों को उनसे एक बड़ी और महत्वपूर्ण पारी की उम्मीद थी। लेकिन रन बनाना तो दूर, रहाणे अपना खाता तक नहीं खोल पाए और पहली ही गेंद पर मोहम्मद सिराज का शिकार बन गए। यह आईपीएल के इतिहास में 14वां अवसर था, जब रहाणे ‘डक’ पर आउट हुए हैं। इस अनचाहे रिकॉर्ड के साथ उन्होंने अंबाती रायडू और मनीष पांडे जैसे खिलाड़ियों की बराबरी कर ली है, जिनके नाम भी आईपीएल में सर्वाधिक बार शून्य पर आउट होने का रिकॉर्ड दर्ज है। यह आंकड़ा उनकी वर्तमान फॉर्म और टीम के लिए बढ़ती चिंताओं को उजागर करता है। मोहम्मद सिराज के ओवर में अजिंक्य रहाणे को एक ‘गोल्डन डक’ पर आउट होते हुए देखना केकेआर के लिए एक निराशाजनक शुरुआत थी। रहाणे और टिम साइफर्ट की सलामी जोड़ी पारी की शुरुआत करने उतरी। साइफर्ट ने सिराज के ओवर की दूसरी गेंद पर एक शानदार चौका लगाया और फिर एक सिंगल लेकर स्ट्राइक रहाणे को सौंप दी। अपनी पहली ही गेंद का सामना कर रहे रहाणे ऑफ स्टंप के बाहर एक बड़ा शॉट खेलने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन गेंद बल्ले के बाहरी किनारे से लगकर हवा में चली गई। कगिसो रबाडा ने कैच लपकने में कोई गलती नहीं की और निराशा से भरे चेहरे के साथ केकेआर के कप्तान को पवेलियन लौटना पड़ा। यह विकेट टीम के लिए मनोवैज्ञानिक रूप से एक बड़ा झटका था, क्योंकि रहाणे से एक ठोस शुरुआत की उम्मीद थी। रहाणे का अब तक इस सीजन में प्रदर्शन देखें तो, मुंबई इंडियंस के खिलाफ टीम के शुरुआती मैच में उन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 67 रन की प्रभावशाली पारी खेली थी। हालांकि, उस पारी के बाद से वे अपनी लय हासिल करने में नाकाम रहे हैं और टीम को विस्फोटक तथा ठोस शुरुआत दिलाने में लगातार असफल हो रहे हैं। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ वे सिर्फ 8 रन बनाकर आउट हो गए थे, जबकि पंजाब किंग्स के खिलाफ बारिश के चलते रद्द हुए मुकाबले में वे आठ रन बनाकर नाबाद रहे। लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ रहाणे ने 41 रन की एक धीमी पारी खेली, जो टीम की आवश्यकता के अनुरूप नहीं थी। चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ भी कुछ ऐसी ही बल्लेबाजी रही, जहां उन्होंने 28 रन बनाए लेकिन तेज गति से नहीं। अब तक खेले गए कुल छह मुकाबलों में वे सिर्फ 152 रन ही बना सके हैं, जो एक सलामी बल्लेबाज के लिए अच्छे आंकड़े नहीं माने जाते हैं। उनका औसत सिर्फ 30 का है और स्ट्राइक रेट 147 का है, जो टी20 क्रिकेट के मानकों के हिसाब से पर्याप्त नहीं है। कोलकाता नाइट राइडर्स के सामने इस सीजन में कई बड़ी चुनौतियां हैं और उनकी सलामी जोड़ी का लगातार फ्लॉप होना टीम के लिए एक गंभीर संकट बन चुका है। केकेआर की टीम अब तक सीजन में एक भी जीत दर्ज नहीं कर पाई है। उसे खेले गए पांच मुकाबलों में से चार में हार का सामना करना पड़ा है, जबकि एक मैच बारिश के चलते रद्द हो गया। अगर गुजरात टाइटंस के खिलाफ भी उन्हें हार मिली, तो उनकी प्लेऑफ में पहुंचने की उम्मीदों को एक तगड़ा झटका लगेगा। इसके बाद केकेआर को टॉप-4 में जगह बनाने के लिए लगातार कई मुकाबले जीतने होंगे, जो वर्तमान फॉर्म को देखते हुए एक बेहद मुश्किल कार्य प्रतीत होता है। रहाणे को व्यक्तिगत रूप से और टीम को सामूहिक रूप से अपने प्रदर्शन में सुधार लाने की तत्काल आवश्यकता है ताकि वे टूर्नामेंट में अपनी स्थिति को मजबूत कर सकें। डेविड/ईएमएस 18 अप्रैल 2026