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18-Apr-2026
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-कांग्रेस सांसद और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा का केंद्र सरकार पर हमला नई दिल्ली,(ईएमएस)। कांग्रेस सांसद और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, शुक्रवार को लोकसभा में जो हुआ वहां लोकतंत्र की बड़ी जीत है। मोदी सरकार परिसीमन और महिला आरक्षण के जरिए सत्ता में बने रहने की साजिश कर रही थी। जिस साजिश को कल बेनकाब किया गया। उन्होंने कहा, मैं बहुत खुश हूं कि लोकसभा में सीटें बढ़ाने के लिए आया बिल गिर गया। सत्ता पक्ष हमें महिला विरोधी कहकर मसीहा नहीं बन सकता। शुक्रवार को लोकसभा में मोदी सरकार संविधान का 131वां संशोधन बिल लेकर आई थी। लेकिन इस बिल को पास नहीं कर सकी। यह बिल 54 वोट से गिर गया। इसके जरिए संसद की 543 सीटें बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान था। महिला आरक्षण अधिनियम से जुड़ा संशोधन विधेयक के लोकसभा में गिरने को प्रियंका गांधी वाड्रा ने लोकतंत्र की जीत बताया है। कांग्रेस सांसद ने कहा कि बिल का महिलाओं से कोई सीधा संबंध नहीं था। मोदी सरकार की मंशा कुछ और थी। यह स्थायी रूप से सत्ता में रहने का षड्यंत्र रचा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह हथकंडा अपनाकर भाजपा नेता महिलाओं का मसीहा बनाना चाहते थे। उन्होंने कहा कि आपके विपरीत कहने से फर्क नहीं पड़ता, देश की महिलाएं देख रही हैं। संशोधन बिल की टाइमिंग पर सवाल उठाकर प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, एक दिन पहले तक किसी को नहीं मालूम था कि क्या आने वाला है। हम सभी को मसौदा एक दिन पहले दिखाया गया। हम सोच रहे थे कि ये क्यों हो रहा है। ये पूरी साजिश रची गई थी, जिससे किसी न किसी तरह से सत्ता में बने रहने की साजिश रची गई। महिलाओं का इस्तेमाल करने का आरोप लगाकर प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि इन्होंने सोचा था कि महिलाओं के नाम पर आरक्षण ले लें, अगर ये लोग सहमत होते हैं, तब पारित होगा। सारी की सारी स्वतंत्रता हमें मिल जाएगी। किसी भी तरह से परिसीमन हो जाएगा। 2011 के हिसाब से परिसीमन किया गया, तब जाति जनगणना का भी असर नहीं होगा। उन्होंने सोचा था कि पारित नहीं होगा, तब हर नेता को महिला विरोधी कहकर महिलाओं के मसीहा बन जाएंगे। कांग्रेस महासचिव ने कहा कि पीएम मोदी ने कई बार अपने भाषण में कहा कि अगर आप इससे सहमत नहीं होते हैं, तब आप यहां नही बैठ सकते है। हम चौंके थे कि इनकी मंशा क्या थी। मेरे ख्याल से पूरी साजिश जो रची गई वह इसलिए कि हमें सत्ता में रहना है। वह अभी नहीं किया जाएगा परिसीमन 2029 तक नहीं हो पाएगा। वह महिलाओं के नाम पर किया जा रहा था। ताकि उन्हें स्वतंत्रता मिल जाए सत्ता में बने रहने की। आशीष दुबे / 18 अप्रैल 2026