-भारत ने ईरान के राजदूत को किया तलब नई दिल्ली,(ईएमएस)। पश्चिम एशिया के रणनीतिक रूप से अहम होर्मुज जलडमरुमध्य में शनिवार को हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए। इस्लामिक रेवुलेशनरी गार्ड कॉर्प्स द्वारा एक टैंकर पर की गई फायरिंग के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई, जिसका असर भारतीय जहाजों पर भी पड़ा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सरकारी सूत्रों ने बताया, कि इस घटना के बाद वहां मौजूद दो भारतीय जहाजों को सुरक्षा कारणों से बीच रास्ते से ही वापस लौटना पड़ा। इनमें से एक भारतीय ध्वज वाला जहाज करीब 20 लाख बैरल तेल लेकर चला था। अचानक उत्पन्न खतरे के चलते जहाजों को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी गई। इस अप्रत्याशित तौर पर हुई घटना के बाद भारत सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए ईरान के राजदूत को तलब किया है। इस दौरान भारत ने अपने जहाजों और समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। इसी बीच ईरान ने भी बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि वह एक बार फिर होर्मुज जलडमरूमध्य पर सख्त पाबंदियां लागू करने जा रहा है। ईरान का आरोप है कि यूएस ने उसके बंदरगाहों और जहाजों पर नाकेबंदी कर रखी है, जिसके जवाब में यह कदम उठाया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति का प्रमुख मार्ग है, ऐसे में यहां बढ़ता तनाव अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा बाजारों पर बड़ा असर डाल सकता है। भारत सहित कई देशों की नजर अब इस घटनाक्रम पर टिकी हुई है, क्योंकि स्थिति बिगड़ने पर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हो सकती है। हिदायत/ईएमएस 18अप्रैल26