कोरबा (ईएमएस) कोरबा जिले में गरीबों के आवास के लिए मिलने वाली राशि में बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्लू) एवं एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी), रायपुर ने 16 अप्रैल को रूमगरा निवासी कियोस्क संचालक को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर बीपीएल वर्ग के प्रधानमंत्री आवास योजना (पूर्व में इंदिरा आवास) के हितग्राहियों की रकम गबन करने का गंभीर आरोप है। जानकारी के अनुसार जांच में सामने आया कि कथित आरोपी ने कम जागरूक ग्रामीणों को निशाना बनाते हुए उनके खातों में आने वाली योजना की राशि को अपने खातों में ट्रांसफर कर लिया। इस तरह उसने कुल 79 लाख रुपए का गबन किया। - पुरानी राशि को 2017 में किया हड़पने का खेल ईओडब्लू के द्वारा दी गयी अधिकृत जानकारी के अनुसार, वर्ष 2010-11 में इंदिरा आवास योजना के तहत आवंटित राशि अलग-अलग किश्तों में कोरबा जिले के ग्रामीणों के खातों में आई थी। कथित आरोपी ने वर्ष 2017 में सुनियोजित तरीके से इन खातों को निशाना बनाते हुए रकम अपने खाते में स्थानांतरित कर ली। दूरस्थ ग्रामीण अंचलों के लोगों के भरोसे का फायदा उठाकर यह धोखाधड़ी की गई। - डॉर्मेंट खातों को सक्रिय कर किया फर्जीवाड़ा जानकारी के अनुसार जांच में यह भी खुलासा हुआ कि कथित आरोपी बैंक ऑफ इंडिया, शाखा कोरबा में कियोस्क संचालक के रूप में कार्यरत था। उसने निष्क्रिय (डॉर्मेंट) खातों को सक्रिय कराने के लिए बैंक कर्मचारियों की स्टाफ आईडी का दुरुपयोग किया। इसके बाद हितग्राहियों के आधार नंबरों की जगह अपने और अपने परिजनों के आधार नंबर लिंक कर दिए। आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के जरिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण कर रकम सीधे अपने खातों में ट्रांसफर करता रहा। - सॉफ्टवेयर की खामियों का उठाया फायदा कथित आरोपी ने फायनेंसियल बैंकिंग सॉफ्टवेयर की तकनीकी खामियों का भी लाभ उठाया। उस समय सिस्टम में आधार लिंकिंग का सख्त सत्यापन और ऑटो लॉगआउट जैसी सुरक्षा व्यवस्था कमजोर थी। लंबे समय तक बैंकिंग करेस्पॉन्डेंट के रूप में काम करने के अनुभव का इस्तेमाल कर उसने इस गड़बड़ी को अंजाम दिया। * 10 यूजर आईडी से 620 एंट्री, जांच जारी ईओडब्लू की विवेचना में सामने आया है कि आधार सीडिंग के लिए 10 अलग-अलग स्टाफ यूजर आईडी का उपयोग किया गया। कुल 620 प्रविष्टियां दर्ज की गईं, जिनमें से अधिकांश बिना भौतिक सत्यापन के थीं। कुछ एंट्री फायनेंसियल सिस्टम और कियोस्क ऑपरेटर आईडी से भी की गई हैं। मामले में आगे और खुलासों की संभावना जताई जा रही है। * न्यायालय ने 21 अप्रैल तक भेजा रिमांड पर गिरफ्तारी के बाद उसको कोरबा न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 21 अप्रैल तक ईओडब्लू की रिमांड पर भेज दिया गया है। उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 421, 409, 120(बी) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह मामला न केवल सिस्टम की खामियों को उजागर करता है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी का फायदा उठाकर किए जा रहे आर्थिक अपराधों की गंभीरता भी सामने लाता है। 18 अप्रैल / मित्तल