क्षेत्रीय
18-Apr-2026
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जयपुर (ईएमएस)। प्रदेश में आगामी दिनों में लू-तापघात की आशंका को देखते हुए चिकित्सा संस्थानों में हीटवेव बचाव एवं उपचार के लिए समुचित प्रबंधन सुनिश्चित किए जा रहे हैं। इमरजेंसी सुविधाओं के लिए चिकित्सा संस्थानों में हीट स्ट्रोक ट्रीटमेंट कोर्नर स्थापित करने के साथ ही दवा एवं जांच सहित सभी माकूल इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड ने स्वास्थ्य भवन में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस में हीटवेव प्रबंधन, मौसमी बीमारियों सहित अन्य विषयों पर समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी चिकित्साधिकारी हीटवेव को लेकर प्रो-एक्टिव अप्रोच के साथ काम करें। रोगी और उनके परिजनों के लिए छाया, शीतल पेयजल सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। श्रीमती राठौड़ ने कहा कि सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा संबंधित चिकित्सालय प्रभारी यह सुनिश्चित करें कि अस्पतालों में पंखे, कूलर, एसी, वाटर कूलर, जांच, दवा-ओआरएस एवं उपचार के प्रबंधन में कोई कमी नहीं रहे। उन्होंने आवश्यकता होने पर दवाओं की स्थानीय स्तर पर खरीद करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारी निरंतर फील्ड में जाकर चिकित्सा संस्थानों का निरीक्षण करें। उन्होंने रेपिड रेस्पॉन्स सिस्टम को प्रभावी रूप से लागू कर रोगियों को राहत प्रदान करने के निर्देश दिए। श्रीमती राठौड़ ने गर्मी के मौसम को देखते हुए शुद्ध खाद्य पदार्थों एवं शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि को नियंत्रण को भीडभाड़ वाले स्थानों, छात्रावासों सहित अन्य स्थानों पर खाद्य पदार्थों एवं पानी की जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों सहित अन्य अधिकारियों को चिकित्सा संस्थानों पर कार्यरत एएनएम एवं सीएचओ के कार्यों की समीक्षा करने के भी निर्देश दिए। - अशोक शर्मा/ 4:30 बजे/ 18 अप्रेल 2026