क्षेत्रीय
19-Apr-2026
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बिलासपुर (ईएमएस)। बिलासपुर के रास्ते नशे की बड़ी खेप खपाने की कोशिश पर पुलिस ने सीधा प्रहार किया है। कटघोरा-बिलासपुर नेशनल हाईवे पर घेराबंदी कर रतनपुर पुलिस और एसीसीयू की टीम ने 245 किलो गांजा जब्त किया। कार्रवाई ने न सिर्फ तस्करी की बड़ी खेप रोकी, बल्कि नेटवर्क के दो अहम चेहरों को भी सामने ला दिया। 17 अप्रैल को रतनपुर पुलिस को इनपुट मिला—कटघोरा की ओर से एक मारुति अर्टिगा ष्टत्र 04क्तष्ठ 7255 में भारी मात्रा में गांजा बिलासपुर लाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने देरी नहीं की। एसीसीयू के साथ संयुक्त टीम बनी, रणनीति तय हुई और नजरें सीधे नेशनल हाईवे पर टिक गईं। नवापारा चौक, भेड़ी मुंडा के पास पुलिस ने नाकाबंदी की। कटघोरा की ओर से आती अर्टिगा को रोका गया। तलाशी शुरू हुई और कुछ ही देर में तस्वीर साफ हो गई—कार के भीतर 245 किलोग्राम गांजा भरा था। इस खेप की कीमत करीब 1 करोड़ 22 लाख रुपए आंकी गई। पुलिस ने मौके से गांजा के साथ वह अर्टिगा वाहन भी जब्त किया, जिसकी कीमत लगभग 8 लाख रुपए बताई गई। इसके अलावा एक मोबाइल फोन और दो नंबर प्लेट भी बरामद हुए। कुल जब्ती का आंकड़ा 1 करोड़ 30 लाख 56 हजार रुपए तक पहुंच गया—यानी तस्करी सिर्फ मात्रा में नहीं, तैयारी में भी बड़ी थी। मौके से अमित कुमार केवट, निवासी भुतहीटोला, थाना बुढार, जिला शहडोल को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ और मोबाइल कॉल डिटेल की पड़ताल ने मामले को और खोल दिया। नेटवर्क का दूसरा सिरा सामने आया—नीरज शुक्ला निवासी भदरा कालरी, थाना भालूमाड़ा, जिला अनूपपुर। पुलिस ने पतासाजी कर उसे भी पकड़ लिया। पूरी कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में हुई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मधुलिका सिंह और एसडीओपी कोटा नूपुर उपाध्याय ने लगातार मॉनिटरिंग की। जमीन पर रतनपुर थाना प्रभारी प्रशिक्षु आईपीएस अंशिका जैन, निरीक्षक अनिल अग्रवाल और एसीसीयू प्रभारी निरीक्षक गोपाल सतपथी की टीम ने ऑपरेशन को अंजाम दिया। टीम में उपनिरीक्षक कमलेश बंजारे, विष्णु यादव, प्रधान आरक्षक सैय्यद अकबर अली, देवमुन पुहुप, आरक्षक पवन ठाकुर, गोविंदा जायसवाल, बसंत मानिकपुरी, धीरज कश्यप, अविनाश कश्यप, वीरेंद्र गंधर्व समेत अन्य स्टाफ सक्रिय रहे। दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। कोर्ट में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। अब फोकस साफ है—यह खेप कहां से आई, किस तक पहुंचनी थी और इस रूट पर और कौन-कौन जुड़ा है। जांच जारी है। - मनोज राज 19 अप्रैल 2026