अंतर्राष्ट्रीय
20-Apr-2026
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मॉस्को (ईएमएस)। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने स्पष्ट कर दिया है कि यूक्रेन युद्ध अब सिर्फ कीव तक सीमित नहीं रहेगा और जो देश पर्दे के पीछे से यूक्रेन की मदद कर रहे हैं, वे रूसी हमलों के निशाने पर आ सकते हैं। हाल ही में रूस ने यूक्रेन के अलावा अन्य 11 देशों पर हमले की धमकी दी है, जिससे दुनिया भर में खलबली मच गई है। क्रेमलिन ने आधिकारिक तौर पर एक हिटलिस्ट जारी की है, जिसमें उन ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही गई है जो यूक्रेन को सैन्य सहायता दे रहे हैं। रूस की सुरक्षा परिषद के उप प्रमुख दिमित्री मेदवेदेव ने इस सूची को जारी करते हुए सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए लिखा, यूरोपीय पार्टनर्स, चैन की नींद सो जाओ। उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि जिन फैक्ट्रियों में यूक्रेन के लिए ड्रोन और अन्य हथियार बनाए जा रहे हैं, वे अब रूसी मिसाइलों के निशाने पर हैं। इस सूची में नाटो के सदस्य देश ब्रिटेन और जर्मनी के साथ-साथ एक प्रमुख मुस्लिम देश तुर्किये का नाम भी शामिल है, जिसने भू-राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव ला दिया है। हालांकि, उन्होंने हमले के समय को लेकर कोई जानकारी नहीं दी, लेकिन संकेत दिया कि यह हमला कभी भी हो सकता है। रूस के रक्षा मंत्रालय का दावा है कि ये देश यूक्रेन के लिए रणनीतिक पिछला इलाका बन चुके हैं, जिसका अर्थ है कि वे यूक्रेन के युद्ध प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इस हिटलिस्ट में शामिल देशों में ब्रिटेन, जर्मनी, डेनमार्क, लातविया, लिथुआनिया, नीदरलैंड, पोलैंड, स्पेन, इटली और चेक गणराज्य जैसे यूरोपीय राष्ट्र शामिल हैं। ब्रिटेन के लिए विशेष रूप से लंदन, लीसेस्टर, रीडिंग और सफोल्क में स्थित ड्रोन सेंटरों को पुतिन के रडार पर बताया गया है। इसके अलावा, इस सूची में तुर्किये और इजरायल का नाम भी चौंकाने वाला है। रूस का दावा है कि तुर्किये में यूक्रेन के लिए ड्रोन के पुर्जे बनाए जा रहे हैं। तुर्किये एक नाटो सदस्य और मुस्लिम बहुल देश है, जिसने अब तक रूस और यूक्रेन के बीच संतुलन बनाने की बेहद चालाकी से कोशिश की है। उसने दोनों पक्षों के साथ संबंध बनाए रखे हैं और मध्यस्थता की पेशकश भी की है। लेकिन पुतिन की इस घोषणा ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर तुर्किये की फैक्ट्रियों से निकले पुर्जे रूस के खिलाफ इस्तेमाल होंगे, तो पुतिन तुर्किये को भी नहीं बख्शेंगे। यह पहली बार है जब रूस ने इतने खुले तौर पर किसी मुस्लिम देश के ठिकानों को अपनी हिटलिस्ट में डाला है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंताएं और बढ़ गई हैं। इस लिस्ट के आने के साथ ही रूस ने यूक्रेन पर अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला किया, जिसमें एक ही रात में 324 ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया गया। रूस ने 1.5 टन वजनी एफएबी-1500 ग्लाइड बम का भी इस्तेमाल किया, जिसने इमारतों को मलबे में बदल दिया। सुदामा/ईएमएस 20 अप्रैल 2026