-चीन के सोलर पैनल और बैटरी पैक खरीदने दुनिया में मची होड़, जमकर हो रही कमाई बीजिंग,(ईएमएस)। ईरान-इजराइल-अमेरिका युद्ध ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिलाकर रख दिया है। दुनिया के हर देश पर इस जंग का असर पड़ा है। होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से दुनिया के सामने ऊर्जा संकट खड़ा हो गया है, लेकिन चीन के लिए यह आपदा एक बड़े अवसर में बदल गई है। चीन के ‘क्लीन टेक्नोलॉजी’ निर्यात में उछाल से चीन की ‘लॉटरी’ लग गई है। होर्मुज से दुनिया का एक-तिहाई तेल गुजरता है। इसके बंद होने से ईंधन आयात पर निर्भर देशों की सांसे फूलने लगी हैं। ऐसे में दुनिया भर के उपभोक्ता और उद्योग वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों की ओर भाग रहे हैं। चीन के सोलर पैनल और बैटरी पैक खरीदने को दुनिया में होड़ मच गई है और इसी वजह से ड्रैगन जमकर कमाई कर रहा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन के जनरल एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ कस्टम्स के आंकड़े बताते हैं कि मार्च के महीने में चीन के क्लीन टेक निर्यात में जबरदस्त तेजी देखी गई है। लिथियम-आयन बैटरियों के निर्यात में सालाना आधार पर 34फीसदी की वृद्धि हुई। इलेक्ट्रिक वाहन निर्यात 53फीसदी उछल गया तो सोलर सेल्स के निर्यात में मासिक आधार पर 80फीसदी की ऐतिहासिक बढ़ोतरी दर्ज हुई। होमुर्ज शिपिंग रूट बंद होने से कच्चा तेल न केवल महंगा हुआ, बल्कि उसकी उपलब्धता गिर गई है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि अमेरिका-ईरान शांति समझौता हो भी जाए तब भी शिपिंग को सामान्य होने में महीनों लगेंगे। इस अनिश्चितता ने एशियाई और यूरोपीय देशों में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ गई है। मार्च में चीन से इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों का निर्यात रिकॉर्ड 3,49,000 यूनिट तक पहुंच गया है। यूके के थिंक टैंक एम्बर के विश्लेषक के मुताबक “क्लीन टेक्नोलॉजी महंगे ईंधन से राहत का एकमात्र रास्ता है और चीन इस मांग को भुनाने के लिए सबसे बेहतर स्थिति में है। चीन ने पिछले एक दशक में सोलर, विंड एनर्जी और बैटरी निर्माण की अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए अरबों डॉलर का निवेश किया है। भले ही शुरुआती वर्षों में इससे चाइनीज कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ा, लेकिन आज उनकी निर्माण क्षमता इतनी हो चुकी है कि वे वैश्विक बाजार की किसी भी अचानक बढ़ी मांग को तुरंत पूरा कर सकते हैं। दुनिया की सबसे बड़ी बैटरी निर्माता कंपनी सीएटीएल ने भी स्वीकार किया है कि कच्चे तेल की कीमतों को लेकर बढ़ती अनिश्चितता के कारण ग्राहक अब तेजी से इलेक्ट्रिक उत्पादों को अपना रहे हैं। चीन की कंपनियां अब न केवल उत्पाद बेच रही हैं, बल्कि वे पूरी दुनिया की ग्रीन सप्लाई चेन की धुरी बन गई हैं। सिराज/ईएमएस 20 अप्रैल 2026