राज्य
20-Apr-2026
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:: स्वच्छ शहर की जोड़ी में व्यवस्थाएं परखने पहुंचे आयुक्त सिंघल, कचरा सेग्रिगेशन और वाटर बॉडी के संरक्षण पर अफसरों को दी नसीहत :: देपालपुर/इंदौर (ईएमएस)। स्वच्छ सर्वेक्षण की अग्निपरीक्षा में शहर को अव्वल बनाए रखने के लिए प्रशासन ने अब अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। सोमवार को इंदौर नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल स्वच्छ शहर की जोड़ी पहल के तहत देपालपुर नगर परिषद की व्यवस्थाएं देखने अचानक जमीन पर उतरे। निरीक्षण के दौरान आयुक्त का तेवर सख्त नजर आया; उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं बल्कि रोजमर्रा की आदत होनी चाहिए। गलियों से लेकर ट्रेंचिंग ग्राउंड तक, हर मोर्चे पर व्यवस्थाओं को कसौटी पर परखा गया। आयुक्त ने घरेलू और व्यावसायिक क्षेत्रों का दौरा करते हुए डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण की बारीकियां जांची। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए कि यदि कचरा संग्रहण के दौरान स्रोतों पर ही पृथक्करण (सेग्रिगेशन) नहीं हो रहा है, तो यह बड़ी लापरवाही है। उन्होंने निर्देश दिए कि गीला, सूखा और खतरनाक कचरा अलग-अलग लेने के नियम का सख्ती से पालन हो, क्योंकि सही प्रोसेसिंग की शुरुआत यहीं से होती है। :: ट्रेंचिंग ग्राउंड और सार्वजनिक शौचालयों की बदलनी होगी सूरत :: निरीक्षण का कारवां ट्रेंचिंग ग्राउंड भी पहुंचा, जहाँ आयुक्त ने कचरा निपटान की वैज्ञानिक पद्धति का मूल्यांकन किया। उन्होंने स्कूलों, पार्कों और सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति पर असंतोष जाहिर करते हुए निर्देश दिए कि यहां सफाई के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं और रखरखाव के स्तर को तत्काल सुधारा जाए। उन्होंने साफ कहा कि पब्लिक टॉयलेट्स की उपयोगिता और सुंदरता ही शहर की जागरूकता का प्रमाण है। :: पर्यटन स्थलों और जल स्रोतों के लिए बनेगा स्पेशल प्लान :: शहर की आबोहवा और खूबसूरती को निखारने के लिए आयुक्त ने वाटर बॉडी (जल स्रोतों) के संरक्षण और सौंदर्यीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नगर के पर्यटन स्थलों पर ऐसी स्वच्छता होनी चाहिए कि बाहर से आने वाले लोग यहाँ की सकारात्मक छवि लेकर लौटें। आरआरआर (रिड्यूस, रियूज, रिसाइकिल) सेंटर के जरिए उन्होंने नागरिकों से कचरे को संसाधन में बदलने की अपील की। :: खामियों पर तत्काल एक्शन और अफसरों को अल्टीमेटम :: पूरे दौरे के दौरान जहाँ भी व्यवस्थाएं सुस्त मिलीं, वहां आयुक्त ने संबंधित अफसरों को मौके पर ही सुधार की डेडलाइन थमा दी। उन्होंने कहा कि स्वच्छता एक निरंतर प्रक्रिया है और इसमें लापरवाही की कोई जगह नहीं है। इस दौरान अपर आयुक्त प्रखर सिंह, देपालपुर नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि महेश पूरी गोस्वामी, सीएमओ बहादुर सिंह रघुवंशी और इंजीनियर नीरज गुप्ता सहित स्वच्छता टीम और एनजीओ के प्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रकाश/20 अप्रैल 2026