नई दिल्ली (ईएमएस)। पश्चिम एशिया के हालातों पर अंतर मंत्रालयी प्रेस वार्ता में भारतीय अधिकारियों ने पूरी स्थिति पर स्पष्ट जानकारी साझा की है। अधिकारियों ने बताया कि 28 फरवरी को ईरान पर हमलों के बाद शुरू हुए तनावपूर्ण माहौल के 52 दिनों में अभी तक 10 भारतीय जहाज होर्मुज से पार हुए। 14 भारतीय जहाज अभी भी होर्मुज के पास फंसे हैं। अधिकारियों ने यह भी बताया कि भारतीय ध्वज वाला क्रूड ऑयल टैंकर ‘देश गरिमा ने 18 अप्रैल को होर्मुज को पार किया है। इस क्रूड ऑयल टैंकर पर 97,422 मीट्रिक टन कच्चा तेल लदा है। 31 भारतीय नाविकों के साथ देश गरिमा जहाज के 22 अप्रैल को मुंबई पहुंचने की संभावना है। इस प्रेस वार्ता में अधिकारियों ने बताया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में 18 अप्रैल को दो भारतीय ध्वज वाले कार्गो जहाजों पर ईरान केइस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के सैनिकों द्वारा फायरिंग की घटना को भारत सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है। आईआरजीसी के सैनिकों ने भारतीय ध्वज वाले जहाज़ों को रुकने की चेतावनी देने के लिए फायर किया था। अधिकारियों ने बताया कि ये घटना ईरान सरकार और आईआरजीसीकी लोकल यूनिट के बीच कम्युनिकेशन गैप की वजह से हुआ। इस फायरिंग की घटना के दौरान भारतीय जहाज़ों को कोई ज़्यादा नुकसान नहीं हुआ है, जहाज़ के कुछ हिस्सों में शीशे टूट गए। भारत इस मामले में बेहद संवेदनशीलता से राजनयिक पहल कर रहा है, क्योंकि 14 भारतीय ध्वज वाले जहाज़ अब भी स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ में खड़े हैं, और बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक ईरान में हैं जिनकी सुरक्षा भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोमवार को कहा, फायरिंग की घटना की जानकारी मिलते ही भारत सरकार ने इस मामले में गंभीरता से पहल की। भारत में ईरान के राजदूत को समन किया गया, और विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने ईरान के राजदूत से कहा कि भारत इस घटना से बेहद चिंतित है। हम भारतीय जहाजों की सुरक्षा के लिए ईरानी अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं। हम अपने जहाजों को सेफ पैसेज देने के लिए ईरान के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं। सुबोध/२० -०४-२०२६