क्षेत्रीय
20-Apr-2026
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जिला चिकित्सालय बालाघाट के एसएनसीयू में चिकित्सकों की टीम ने किया सराहनीय कार्य बालाघाट (ईएमएस). जिला चिकित्सालय के एसएनसीयू में एक बार फिर चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ की तत्परता और समर्पण ने एक नवजात शिशु को नई जिंदगी दी। आधुनिक चिकित्सा उपकरणों और सतत निगरानी के चलते गंभीर स्थिति में भर्ती नवजात को पूरी तरह स्वस्थ कर सफलतापूर्वक डिस्चार्ज किया गया। ग्राम मोहगांव तहसील उगली (केवलारी) जिला सिवनी निवासी दीपिका पति प्रदीप पंचेश्वर ने 31 मार्च की रात 8.48 बजे बालाघाट स्थित निजी नर्सिंग होम में सिजेरियन प्रसव के माध्यम से एक बालिका को जन्म दिया। जन्म के समय शिशु का वजन 3 किलोग्राम था, लेकिन जन्म के तुरंत बाद उसे सांस लेने में गंभीर परेशानी होने लगी। स्थिति को देखते हुए उसी रात 9.30 बजे नवजात को जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया। प्रारंभिक जांच में शिशु की हालत गंभीर पाई गई। चिकित्सकों ने तत्काल सी-पैप मशीन के माध्यम से उपचार शुरू किया और लगातार 4 दिनों तक शिशु को इस पर रखा गया। हालांकि अपेक्षित सुधार नहीं होने पर विशेषज्ञ टीम ने निर्णय लेते हुए शिशु को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा। वेंटिलेटर पर मात्र एक दिन के उपचार के बाद ही शिशु की स्थिति में सकारात्मक सुधार दिखने लगा। इसके बाद अगले चार दिनों तक ऑक्सीजन सपोर्ट और आवश्यक एंटीबायोटिक दवाइयों के जरिए इलाज जारी रखा गया। धीरे-धीरे शिशु की स्थिति सामान्य होने लगी और उसे मां का दूध भी दिया जाने लगा। लगभग 11 दिनों तक सतत निगरानी और उपचार के बाद शिशु को पूर्णत: स्वस्थ घोषित करते हुए 3 किलोग्राम वजन के साथ सफलतापूर्वक डिस्चार्ज किया गया। इस सफलता पर परिजनों ने एसएनसीयू के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ का आभार व्यक्त किया। डिस्चार्ज के समय माता-पिता के चेहरे पर खुशी और संतोष साफ झलक रहा था। भानेश साकुरे / 20 अप्रैल 2026