-ऊर्जा सचिव ने कहा- गैसोलीन की कीमत अमेरिका में 3 डॉलर प्रति गैलन तक बढ़ेंगी वाशिंगटन,(ईएमएस)। अमेरिका-ईरान जंग फिर तेज हो गई है। होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी नाकाबंदी और ईरान के पलटवार ने ग्लोबल टेंशन को बढ़ा दिया है। इस बीच क्रूड की कीमतें छलांग लगाने लगी हैं और ब्रेंट क्रूड करीब 6फीसदी महंगा हो गया है। दूसरी ओर ट्रंप की टेंशन बढ़ाने वाली खबर भी सामने आई है। अमेरिकी ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने कहा है कि गैसोलीन की कीमत अमेरिका में अगले साल तक 3 डॉलर प्रति गैलन के ऊपर जा सकती है यानी ईंधन पर महंगाई की मार जारी रहने वाली है। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान युद्ध से ट्रंप के लिए राजनीतिक चुनौतियां भी पैदा हो गई हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राइट ने कहा कि गैस की कीमतें चरम पर पहुंच चुकी हैं, ये अगले साल तक 3 डॉलर प्रति गैलन से ऊपर ही बनी रह सकती हैं। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के खिलाफ छेड़े गए युद्ध और पड़ोसी देशों पर ईरानी हमलों के दौरान गैस की कीमतों में वृद्धि हुई है। इससे नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए राजनीतिक चुनौतियां पैदा हो गई हैं, जहां उनकी रिपब्लिकन पार्टी सीनेट और प्रतिनिधि सभा में अपने बहुमत का बचाव करेगी। इससे पहले अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने बीते सप्ताह भविष्यवाणी करते हुए कहा था कि गर्मियों में अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें गिर सकती हैं। बता दें ईरान युद्ध से ईंधन की कीमतों में उछाल को लेकर ट्रंप ने कहा है कि गैस की कीमतें नवंबर तक ऊंची बनी रह सकती हैं। सभी ने यही कहा है कि ईरान जंग खत्म होने के बाद गैसोलीन की कीमतें कम होंगी। बता दें इस महीने की शुरुआत में कीमतें साल के सबसे हाई लेवल 4.16 डॉलर प्रति गैलन पर पहुंच गई थीं और अभी भी ये 4.05 डॉलर पर बनी हुई हैं। अमेरिकन ऑटोमोबाइल एसोसिएशन के मुताबिक, ईरान युद्ध के तेल आपूर्ति पर पड़ने वाले प्रभाव के चलते एयरलाइंस संभावित जेट फ्यूल की कमी की भी चेतावनी दे रही हैं। अमेरिकी परिवहन सचिव ने कहा है कि ईरान संघर्ष समाप्त होने के साथ ही जेट ईंधन की उपलब्धता बढ़ेगी। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी ऊर्जा सचिव ही नहीं, बल्कि कई एक्सपर्ट्स पहले भी ट्रंप की इस फ्यूल टेंशन पर चिंता जाहिर कर चुके हैं। बीते दिनों न्यूयॉर्क की एनालिस्ट रचेल जिएंबा ने कहा था कि अगर ईरान के खिलाफ युद्ध और लंबा खिंचता है, तो इससे अमेरिका में सप्लाई चेन भी बुरी तरह से बाधित हो सकती है। मुझे नहीं लगता कि अमेरिका इससे बच सकता है, ये वैश्विक बाजार है। एक हफ्ता पहले तक भी एस्पर्ट चिंतित थे, अब वे और भी ज्यादा चिंतित हो गए हैं। सिराज/ईएमएस 21 अप्रैल 2026