- जनसुनवाई में पहुंचकर बोली—प्रोजेक्ट में नंबर काटे, पैसे भी मांगे फेल होने वालों को मिले 20 नंबर, मुझे मिले सिर्फ 10 गुना (ईएमएस) । कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक छात्रा ने अपने ही स्कूल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई। बरखेड़ा खुर्द स्थित शासकीय माध्यमिक विद्यालय की छात्रा महक शर्मा ने शिकायत में बताया कि वह कक्षा 12वीं में अच्छे अंकों के साथ उत्तीर्ण हुई है और स्कूल की टॉपर रही है, लेकिन प्रोजेक्ट और प्रैक्टिकल में उसे जानबूझकर कम अंक दिए गए हैं। छात्रा का आरोप है कि जहां अन्य विद्यार्थियों—यहां तक कि फेल हुए छात्रों—को भी 18 से 20 तक अंक दिए गए, वहीं उसे मात्र 10-11 अंक देकर नुकसान पहुंचाया गया। उसने कहा कि उसके साथ यह भेदभाव लंबे समय से किया जा रहा था। छात्रा के अनुसार प्राचार्य द्वारा उसे पहले भी धमकाया गया था कि यदि वह पैसे नहीं देगी तो प्रोजेक्ट में नंबर नहीं दिए जाएंगे या उसे प्राइवेट कर दिया जाएगा। महक शर्मा ने आवेदन में यह भी उल्लेख किया कि वार्षिक परीक्षा के पहले उससे पांच हजार रुपए मांगने की बात कही गई थी, बदले में पूरे अंक देने का आश्वासन दिया गया था। पैसे न देने पर कम अंक दिए गए। छात्रा ने बताया कि वह 10वीं कक्षा में भी टॉपर रही है, इसके बावजूद इस बार उसके साथ अन्याय हुआ है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद छात्रा मानसिक तनाव में होने की बात कह रही है। उसने जिला प्रशासन से मांग की है कि उसके प्रोजेक्ट और प्रैक्टिकल अंकों की पुनः जांच किसी निष्पक्ष अधिकारी से कराई जाए। साथ ही विद्यालय के पूरे रिकॉर्ड की जांच कर कार्रवाई की जाए। जनसुनवाई में अधिकारियों ने छात्रा की शिकायत दर्ज कर आवश्यक जांच का भरोसा दिलाया है। अब मामले की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।-सीताराम नाटानी