राष्ट्रीय
21-Apr-2026


लखनऊ,(ईएमएस)। उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ में समाजवादी पार्टी के मुख्यालय पर हुए कार्यक्रम में आगामी 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी गतिविधियों में तेजी देखने को मिली। इस दौरान बहुजन समाज पार्टी और अन्य दलों से आए कई नेताओं ने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ली। इसी कड़ी में सबसे प्रमुख घटना यह रही कि अखिलेश ने इस दौरान बसपा से आए एमएच खान को बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी और उन्हें पार्टी का प्रवक्ता नियुक्त किया। अखिलेश ने कहा कि अब एमएच खान टीवी डिबेट्स में पार्टी का पक्ष मजबूती से रखे। कार्यक्रम के दौरान अखिलेश ने केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने एक स्थानीय चाय दुकान से जुड़ी घटना का जिक्र कर सवाल उठाया कि क्या यह लोकतंत्र है कि किसी व्यक्ति द्वारा उन्हें चाय पिलाने के बाद उसकी दुकान बंद करा दी जाए। उन्होंने इस सत्ता के दुरुपयोग का उदाहरण बताया। इसके अलावा, उन्होंने भाजपा की पदयात्रा और राजनीतिक गतिविधियों पर तंज कसते हुए कहा कि यह अजीब स्थिति है जब सरकार खुद अपने बनाए कानूनों के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध जैसा व्यवहार करती दिखती है। अखिलेश ने दावा किया कि आगामी चुनाव में “पीडीए” (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) एकजुट होकर निर्णायक भूमिका निभाएगा और सत्ता परिवर्तन संभव है। वहीं महिला आरक्षण के मुद्दे पर भी उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाकर कहा कि बिना सही जनगणना और पारदर्शी प्रक्रिया के आरक्षण लागू नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि जाति जनगणना की मांग अब और मजबूत होगी। अखिलेश ने भाजपा पर “जनता को गुमराह करने” का आरोप लगाकर कहा कि सरकार और संवैधानिक पदों पर बैठे लोग भी एकतरफा प्रचार में शामिल हैं। शिक्षा नीति को लेकर उन्होंने वादा किया कि यदि सपा की सरकार बनती है तो प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा, जिसमें मुफ्त भोजन, किताबें और यूनिफॉर्म जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर प्रतिक्रिया देकर अखिलेश ने कहा कि संसद में उनका माइक बंद कर दिया गया था, इसलिए वह अपनी बात पूरी तरह नहीं रख पाए। उन्होंने कहा कि उन्होंने पूछा था कि आखिर किस प्रकार की मदद की बात की जा रही है। आशीष दुबे / 21 अप्रैल 2026