राष्ट्रीय
21-Apr-2026


-अदालत ने दिखाई सख्ती और कहा- हमारे साथ लुका-छिपी मत खेलो नई दिल्ली,(ईएमएस)। सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम धर्मगुरु काजिम अहमद शेरवानी पर हमले की जांच में कथित लापरवाही को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने सुनवाई के दौरान सख्त लहजे में कहा, “हमारे साथ लुका-छिपी मत खेलो,” और जांच में ढिलाई पर नाराजगी जताई। यह मामला 2021 में नोएडा में हुई घटना से जुड़ा है, जहां धर्मगुरु शेरवानी ने आरोप लगाया कि उनकी धार्मिक पहचान के आधार पर उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। याचिका के अनुसार, उनकी दाढ़ी खींची गई, टोपी उतारी गई और उन्हें अपमानित किया गया। सुनवाई के दौरान जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने पाया कि अदालत के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद एफआईआर में भारतीय दंड संहिता की धारा 153बी शामिल नहीं की गई। कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि जांच अधिकारी अदालत के निर्देशों से पीछे कैसे हट सकता है और क्या वह धारा 153बी व 295ए जैसी गंभीर धाराओं को नजरअंदाज कर सकता है। राज्य सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के.एम. नटराज ने अदालत को बताया कि आगे की जांच के लिए अनुमति मांगी गई है और चार्जशीट दाखिल करते समय संबंधित धाराएं जोड़ी जा सकती हैं। हालांकि, याचिकाकर्ता के वकील ने इसका विरोध करते हुए आरोप लगाया कि 2023 में दर्ज एफआईआर से जानबूझकर धारा 153बी हटाई गई। अदालत ने मामले में दाखिल हलफनामे को असंतोषजनक बताते हुए संबंधित एसीपी को तलब करने की बात कही और स्पष्ट किया कि अधिकारी को पेश होकर बताना होगा कि कोर्ट के आदेशों का पालन क्यों नहीं किया गया। हालांकि, राज्य के अनुरोध पर अदालत ने अंतिम मौका देते हुए निर्देशों के पालन के लिए दो सप्ताह का समय दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 19 मई को होगी, जिसमें जांच की प्रगति और आदेशों के अनुपालन की समीक्षा की जाएगी। हिदायत/ईएमएस 21अप्रैल26