कान्हा क्षेत्र में मिला शव, वन्यजीव प्रेमी बोले-ऐसे मामले निगरानी और पेट्रोलिंग पर सवाल खड़े करती है बालाघाट(ईएमएस)। कान्हा टाइगर रिजर्व क्षेत्र में एक नर बाघ शावक की भूख से मौत हो गई है। वन्यजीव प्रेमियों ने इस घटना पर चिंता व्यक्त की है। नियमानुसार विशेषज्ञ और पशु चिकित्सा अधिकारियों द्वारा शावक का पोस्टमार्टम (पीएम) कराया गया, जिसके बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। कान्हा टाइगर रिजर्व की उपनिदेशक अमीता केबी ने बताया कि शावक पहले से ही कमजोर हालत में ट्रैप कैमरे में दिखा था और उसकी तलाश की जा रही थी। जब उसका शव मिला, तो उसके आसपास मादा बाघ और अन्य शावक भी मौजूद थे। पोस्टमार्टम में शावक के सभी अंग सुरक्षित पाए गए। प्रथम दृष्टया मौत स्वाभाविक प्रतीत हो रही है। निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार, वरिष्ठ अधिकारियों और एनटीसीए के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में शव का दाह संस्कार किया गया। मामले की जांच जारी है। वन्यजीव प्रेमी अभय कोचर ने इस घटना पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि कान्हा टाइगर रिजर्व अपनी बाघों की आबादी के लिए जाना जाता है, और ऐसे में भूख से शावक की मौत निगरानी और पेट्रोलिंग पर सवाल खड़े करती है। कोचर ने कान्हा प्रबंधन से मादा बाघ और अन्य शावकों पर कड़ी निगरानी रखने का आग्रह किया है ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने यह भी बताया कि शावक की उम्र स्पष्ट नहीं है, लेकिन आमतौर पर बाघ शावक 5-6 महीने तक मां के दूध पर और उसके बाद 4-5 महीने तक मां द्वारा लाए गए भोजन पर निर्भर रहते हैं, जिसके बाद वे शिकार करना सीखते हैं। विनोद उपाध्याय / 22 अप्रैल, 2026