-एजेंसी ने कहा- ‘एम’ ने इजराइल की सुरक्षा के लिए लंबे समय तक गुप्त रूप से काम किया तेल अवीव,(ईएमएस)। इजराइल की खुफिया एजेंसी मोसाद से जुड़ा एक बड़ा खुलासा सामने आया है। इजराइली जासूसी एजेंसी मोसाद के प्रमुख डेविड बार्निया ने दावा किया है कि 2023 में इटली में नाव हादसे में मारे गए एक एजेंट ने हालिया ईरान ऑपरेशन में अहम भूमिका निभाई थी। अभी जो कामयाबी ईरान में इजराइल को मिली है, उसका बड़ा श्रेय उसी एजेंट के किए कामों को जाता है। यह एजेंट जिसे केवल उसके नाम के पहले अक्षर ‘एम’ से पहचाना गया, मई 2023 में इटली की लेक माजियोरे में हुए एक नाव हादसे में मारा गया था। उस हादसे में कुल चार लोगों की मौत हुई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उस वक्त इस एजेंट की पहचान एरेज शिमोनी (50) के रूप में की गई थी, जिसे एक नकली नाम माना जाता है। वह 30 साल तक मोसाद का एजेंट रहा। उसकी असली पहचान सार्वजनिक नहीं की गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक मोसाद प्रमुख ने मेमोरियल डे के मौके पर एजेंसी मुख्यालय में कहा कि ‘एम’ ने इजरायल की सुरक्षा के लिए लंबे समय तक गुप्त रूप से काम किया और हाल ही में ईरान के खिलाफ ऑपरेशन में उसकी भूमिका बेहद अहम रही। उन्होंने बताया कि ‘ऑपरेशन रोरिंग लायन’ के दौरान इस एजेंट की रणनीति, चालाकी और तकनीकी कौशल ने ईरान के खिलाफ अभियान में बड़ा योगदान दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक जिस नाव में हादसा हुआ था, उसमें कुल 23 लोग सवार थे, जबकि उसकी क्षमता सिर्फ 15 लोगों की थी। बताया गया कि इनमें से 19 लोग इजराइल और इटली की खुफिया एजेंसियों से जुड़े थे। इटली की सुरक्षा एजेंसी ने भी पुष्टि की थी कि हादसे में मारे गए लोगों में उनके दो कर्मचारी शामिल थे। हादसे के बाद ‘एक’ का शव इजराइल लाया गया, जहां उसे अश्केलॉन के सैन्य कब्रिस्तान में दफनाया गया। मोसाद प्रमुख ने एजेंट को ‘मूल्यों वाला, समर्पित और वफादार व्यक्ति’ बताते हुए कहा कि उसने पूरी जिंदगी गुप्त रूप से काम किया और उसकी कई उपलब्धियां आज भी सार्वजनिक नहीं की जा सकती हैं। सिराज/ईएमएस 23 अप्रैल 2026