अंतर्राष्ट्रीय
23-Apr-2026


कीव (ईएमएस)। चीन यूक्रेन में लगे 80-90 प्रत‍िशत तक निगरानी कैमरों तक पहुंच बना सकता है, जिनमें टोही ड्रोन पर लगे कैमरे भी शामिल हैं। एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, यह युद्ध के दौरान सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हो सकता है और ड्रोन को बीच में ही हैक या इंटरसेप्ट करने का जोखिम बढ़ा सकता है। यूक्रेनी मीडिया की रिपोर्ट में कहा गया है कि पहले भी ऐसे मामले सामने आए हैं, जब रूस ने यूक्रेनी ड्रोन का कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया था। रिपोर्ट में ऑक्टावा कैपिटल के संस्थापक ओलेक्सांद्र कार्डाकोव के हवाले से बताया गया है कि चीनी कंपनी हिकविजन ने 2020 तक कीव स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत 7,000 कैमरे लगाए थे। ये स्मार्ट कैमरे नंबर प्लेट, चेहरों की पहचान करने के साथ-साथ स्कूलों और किंडरगार्टन में सुरक्षा की निगरानी भी करते हैं। रिपोर्ट में कहा गया, “अगर चीन के पास कोई बैकडोर एक्सेस है तो वह राजधानी की सड़कों पर होने वाली बहुत सी गतिविधियां देख सकता है। सिर्फ राजधानी ही नहीं, पूरे देश में। हिकविजन यूक्रेन में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला वीडियो सर्विलांस सिस्टम है।” अमेरिका में हिकविजन और दाहुआ के उपकरणों को फेडरल कम्युनिकेशंस कमीशन की सूची में शामिल किया गया है और इन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माना जाता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ब्रिटेन में संवेदनशील जगहों पर चीनी निगरानी सिस्टम लगाने पर रोक है। चिंता सिर्फ कैमरों तक सीमित नहीं है, बल्कि मोबाइल नेटवर्क के बेस स्टेशनों तक भी है। इन स्टेशनों में लगे चीनी बैटरियों में अक्सर रिमोट कंट्रोल की क्षमता होती है। इसके अलावा नेटवर्क में इस्तेमाल होने वाले ज्यादातर स्मार्टफोन भी चीन के बने होते हैं। ऊर्जा उपकरणों की बात करें तो इकोफ्लो, ब्लूएटी और डेये जैसी कंपनियों के प्रोडक्ट यूक्रेन में काफी लोकप्रिय हैं, जो बिजली संकट के दौरान घरों को बिजली देने में मदद करते हैं। सुबोध/२३ -०४-२०२६