वीर चंद्र सिंह गढ़वाली को दी श्रद्धांजलि, पेशावर विद्रोह के सिद्धांतों को किया याद देहरादून (ईएमएस)। प्रदेशभर में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली की याद में नफरत, दमन के खिलाफ विभिन्न राजनैतिक दलों, सामाजिक एवं मजदूर संगठनों ने आवाज उठाई। इस अवसर पर मजदूर आंदोलन पर हो रहा दमन, लोगों के कानूनी हकों की धज्जिया उड़ा कर बुलडोजर राज को चलाना, धर्म के आधार पर बेकसूर लोगों को निशाना बनाना, सामाजिक समस्याओं को धार्मिक रंग देना, पूरे मौहल्लों एवं क्षेत्रों को धर्म के आधार पर आरक्षित करना जैसे असंवैधानिक नीति, इन सबका विरोध करते हुए विपक्षी दलों एवं जन संगठनों ने आवाज उठाई। इस अवसर पर दून में गांधी रोड स्थित पंडित दीन दयाल पार्क में आयोजित जन सभा में वीर चंद्र सिंह गढ़वाली को श्रद्धांजलि देते हुए वक्ताओं ने उनके एवं पेशावर विद्रोह के सिद्धांतों को याद किया और आक्रोश जताया कि वर्त्तमान सरकार एवं उसके करीब संगठन उन सिद्धांतों के विपरीत उत्तराखंड और देश में नफरती प्रचार एवं दमनकारी कार्यवाही में उतर रहे हैं। इस अवसर पर शंकर गोपाल उन्होंने कहा कि महंगाई, बेरोगजरी, गैस की किल्लत और नया श्रम संहिताओं की वजह से अब नोएडा और देश भर में मजदूर आंदोलनरत हैं, लेकिन इन समस्याओं पर कार्यवाही करने के बजाय बड़े मालिकों एवं कॉर्पोरेट घरानों को बचाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें दुष्प्रचार एवं दमन कर रहे हैं। देहरादून का कार्यक्रम में कांग्रेस पार्टी के संजय शर्मा, देवेंद्र नौटियाल, मुशर्रफ अली और अन्य लोग, उत्तराखंड महिला मंच की कमला पंत एवं चन्द्रकला, स्थाई राजधानी गैरसैण संघर्ष समिति के विनोद राठोड़ी और अन्य साथी, चेतना आंदोलन के शंकर गोपाल, राजेंद्र शाह, सुनीता देवी, घनश्याम, प्रभु पंडित, अखिल भारतीय किसान सभा के प्रदेश सचिव गंगाधर नौटियाल आदि शामिल रहे। शैलेन्द्र नेगी/ईएमएस/23 अप्रैल 2026