अंतर्राष्ट्रीय
24-Apr-2026
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वॉशिंगटन,(ईएमएस)। दुनिया एक बार फिर एक बड़े युद्ध की कगार पर खड़ी नजर आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बेहद कड़े लहजे में चेतावनी देते हुए कहा है कि तेहरान के लिए वाशिंगटन के साथ शांति समझौता करने का समय तेजी से निकलता जा रहा है। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व के रणनीतिक जलक्षेत्र में अमेरिका का तीसरा विमानवाहक पोत पहुंच चुका है और दूसरी ओर तेहरान के आसमान में रहस्यमयी धमाकों की गूंज सुनी गई है, जिससे पूरे क्षेत्र में भय का माहौल है। वाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने अपनी रणनीति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि उनकी योजना परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की नहीं है, क्योंकि उनके अनुसार ईरान की सैन्य शक्ति को पारंपरिक हथियारों से ही भारी नुकसान पहुँचाया जा चुका है। ट्रंप ने कहा, परमाणु हथियार का इस्तेमाल किसी को भी कभी नहीं करना चाहिए। हमने बिना इसके ही उन्हें पारंपरिक तरीके से पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। इसके साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया पर कड़ा संदेश साझा करते हुए लिखा कि उनके पास तो पर्याप्त समय है, लेकिन ईरान के पास नहीं है और घड़ी की सुइयां उनके खिलाफ चल रही हैं। उन्होंने दावा किया कि ईरान की नाकेबंदी बेहद मजबूत है और वहां के नेतृत्व की पकड़ कमजोर हो चुकी है। सामरिक मोर्चे पर तनाव और बढ़ गया है क्योंकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, विमानवाहक पोत यूएसएस जॉर्ज एचडब्ल्यू बुश मध्य पूर्व पहुंच गया है। अब इस क्षेत्र में कुल तीन अमेरिकी युद्धपोत तैनात हैं। जवाबी कार्रवाई के रूप में ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को प्रभावी रूप से बंद कर दिया है। यह मार्ग वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि दुनिया के कुल तेल और एलएनजी निर्यात का पांचवां हिस्सा यहीं से गुजरता है। इस बीच, तेहरान से आ रही विस्फोटों की खबरों ने स्थिति को और पेचीदा बना दिया है। हालांकि इजरायल ने इन धमाकों में अपना हाथ होने से इनकार किया है, लेकिन इन घटनाओं ने पाकिस्तान में होने वाली प्रस्तावित शांति वार्ता को अधर में लटका दिया है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए कूटनीतिक समाधान की उम्मीदें कम होती दिख रही हैं और सैन्य टकराव की आशंका प्रबल हो गई है। वीरेंद्र/ईएमएस/24अप्रैल2026