क्षेत्रीय
24-Apr-2026
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- कामकाज में सुस्ती से बढ़ी परेशानी जबलपुर, (ईएमएस)। रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (रादुविवि) में प्रशासनिक बदलाव के बावजूद व्यवस्था में कोई खास सुधार नजर नहीं आ रहा है। कुलसचिव के पद पर नए अधिकारी की नियुक्ति के बाद कामकाज में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन हालात अब भी पुराने ढर्रे पर ही चलते दिखाई दे रहे हैं। फाइलों की धीमी रफ्तार और निर्णय लेने में देरी के कारण कर्मचारी और संबंधित विभाग परेशान हैं। सबसे बड़ा उदाहरण 30 मार्च को आयोजित ईसी (कार्य परिषद) और कोर्ट (महासभा) की महत्वपूर्ण बैठकों का है, जिनके मिनिट्स एक महीने बाद भी जारी नहीं किए जा सके हैं। इन बैठकों में लिए गए फैसलों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय होती है, लेकिन मिनिट्स के अभाव में कई विभागों का काम अटका हुआ है। इससे कर्मचारियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। बताया जा रहा है कि कुलसचिव डॉ. रविशंकर सोनवाल के पदभार संभालने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार और गति आने की उम्मीद थी। लेकिन हकीकत में फाइलें अब भी पहले की तरह धीरे-धीरे आगे बढ़ रही हैं। कर्मचारियों का कहना है कि छोटे-छोटे मामलों के लिए भी लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, जिससे रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। - समीक्षा बैठक भी ठंडे बस्ते में …… 30 मार्च को हुई कोर्ट (महासभा) की बैठक में वार्षिक बजट को इस शर्त के साथ मंजूरी दी गई थी कि अप्रैल के अंतिम सप्ताह में समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में यह देखा जाना था कि स्वीकृत बजट और कर्मचारियों की समस्याओं पर प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं। इस अहम बैठक में महापौर, विधायक, शासन के प्रतिनिधि और कार्य परिषद के सदस्य मौजूद थे। सभी ने समय पर समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक न तो बैठक की कोई तैयारी नजर आ रही है और न ही मिनिट्स जारी किए गए हैं। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि जब निर्णयों का रिकॉर्ड ही जारी नहीं हुआ, तो समीक्षा कैसे होगी। - कर्मचारी संघ सख्त, आंदोलन की चेतावनी … प्रशासन की सुस्त कार्यप्रणाली से नाराज कर्मचारी अब आंदोलन की राह पर जाने को मजबूर हो रहे हैं। कर्मचारी संघ ने कुलसचिव कार्यालय को मांग पत्र सौंपते हुए साफ कहा है कि जो मुद्दे स्थानीय स्तर पर सुलझाए जा सकते हैं, उन पर तत्काल निर्णय लिया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि यदि जल्द ही कामकाज में सुधार नहीं हुआ, तो वे विरोध प्रदर्शन करेंगे। उनका आरोप है कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण अनावश्यक देरी हो रही है, जिसका सीधा असर कर्मचारियों और विश्वविद्यालय के काम पर पड़ रहा है। - उठ रहे सवाल………. लगातार हो रही देरी और निर्देशों की अनदेखी के चलते रादुविवि प्रशासन पर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि जब नए अधिकारी के आने के बाद भी व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा, तो बदलाव का फायदा क्या है। कुल मिलाकर, रादुविवि में प्रशासनिक ढांचे में बदलाव तो हुआ है, लेकिन कार्यशैली अब भी पुरानी बनी हुई है। यदि जल्द ही सुधार नहीं हुआ, तो इसका असर विश्वविद्यालय की पूरी व्यवस्था और छवि पर पड़ सकता है। - 24 अप्रैल 2026/ 04.59