-12 से शुरु होकर 13 अगस्त 2026 की सुबह तक रहेगा सूर्य ग्रहण नई दिल्ली,(ईएमएस)। साल 2026 अभी चल ही रहा है, लेकिन यह साल खगोलीय घटनाओं के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण बताया जा रहा है। इस साल एक सूर्य और एक चंद्र ग्रहण लग चुके हैं और 2 अभी लगाना बाकी हैं। वहीं 2027 में होने वाला सूर्य ग्रहण अपनी लंबी अवधि के कारण खास चर्चा में है। इसलिए 2027 में होने वाले सूर्य ग्रहण को लेकर लोगों में काफी उत्सुकता है। यहां बताते चलें कि 2026 में लगने वाला प्रमुख सूर्य ग्रहण 12 की रात से शुरू होकर 13 अगस्त की सुबह तक रहेगा। यह खगोलीय घटना महत्वपूर्ण है, लेकिन भारत में इसका सीधा दृश्य देखने को नहीं मिलेगा। वहीं दूसरा चंद्र ग्रहण 27-28 अगस्त की दरमियानी रात को लगेगा। यह सूर्य ग्रहण मुख्य रूप से ग्रीनलैंड, आइसलैंड, आर्कटिक क्षेत्र और यूरोप के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा। भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां इसका प्रभाव भी सीमित माना जा रहा है। चंद्र ग्रहण भौगोलिक रूप से काफी बड़े क्षेत्र में दिखाई देगा। मुख्य रूप से उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, यूरोप और अफ्रीका के पश्चिमी हिस्से और पूर्वी प्रशांत महासागर और अटलांटिक क्षेत्र में ग्रहण दिखेगा। चूंकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए यहां सूतक काल मान्य नहीं होगा। 2027 का सूर्य ग्रहण क्यों है खास 2 अगस्त 2027 को लगने वाला सूर्य ग्रहण बेहद खास माना जा रहा है। इसकी पूर्ण अवधि करीब 6 मिनट 23 सेकंड तक रह सकती है, जो इस सूर्य ग्रहण को असाधारण बनाती है। इस ग्रहण के दौरान कई जगहों पर दिन में ही अंधेरा छा सकता है। ऐसा तब होता है जब चंद्रमा पूरी तरह सूर्य को ढक लेता है। इस समय आसमान में चारों तरफ सूर्यास्त जैसा अनोखा दृश्य दिखाई देता है। भारत में 2027 का यह ग्रहण पूरी तरह नहीं, बल्कि आंशिक रूप में दिखाई देगा। यानी सूर्य का कुछ हिस्सा ढका नजर आएगा, जिससे यह एक खास दृश्य, तब होगा लेकिन पूर्ण अंधेरा नहीं होगा। बात दें कि इतनी लंबी अवधि वाला पूर्ण सूर्य ग्रहण बहुत कम देखने को मिलले है। वैज्ञानिकों के अनुसार ऐसा दुर्लभ संयोग कई वर्षों बाद बनता है, इसलिए सदी का ग्रहण कहा जा रहा है। 2027 के इस खास सूर्य ग्रहण के दौरान एक दिलचस्प खगोलीय स्थिति बनेगी। तब चंद्रमा पृथ्वी के काफी करीब होगा, जबकि सूर्य पृथ्वी से अपेक्षाकृत थोड़ी ज्यादा दूरी पर रहेगा। इसी वजह से चंद्रमा का आकार आकाश में बड़ा दिखाई देगा और वह सूर्य को पूरी तरह ढक सकेगा। हिदायत/ईएमएस 25 अप्रैल 2026