25-Apr-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। जिस प्रकार तेज सर्दी में दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है, उसी प्रकार भीषण गर्मी भी हृदय के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। यदि आप रोजाना धूप में बाहर निकलते हैं, तो दिल के दौरे का जोखिम काफी बढ़ सकता है। गर्मियों में थकान, कमजोरी, पानी की कमी और अत्यधिक पसीना आना जैसी सामान्य लगने वाली चीजों को हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन ये कई बार गंभीर स्वास्थ्य चेतावनी के संकेत हो सकते हैं। गर्मियों में कुछ कारणों से रक्त परिसंचरण पर असर पड़ता है, जिससे हृदय पर काम का बोझ बढ़ जाता है और दिल के दौरे का खतरा उत्पन्न होता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन (एएचए) के अनुसार, गर्मियों में हृदय रोगियों और बुजुर्गों को विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता होती है। मणिपाल हॉस्पिटल के डॉक्टर अरिजीत दत्त ने बताया है कि गर्मी में पसीना आने से शरीर में पानी और नमक की कमी हो जाती है, जिससे रक्त गाढ़ा हो जाता है। ऐसे में हृदय को रक्त पंप करने में अधिक मेहनत करनी पड़ती है। शरीर का अत्यधिक गर्म होना (ओवरहीटिंग) और निम्न रक्तचाप (लो ब्लड प्रेशर) हृदय पर तनाव बढ़ाते हैं, जिससे दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है। लू लगने से भी दिल का दौरा पड़ सकता है। आपने ऐसे कई मामले देखे होंगे जिनमें चलते-फिरते लोगों को अचानक दिल का दौरा पड़ा और उनकी मृत्यु हो गई। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हीट वेव (लू) के कारण शरीर में निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) और इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन होता है। हीट स्ट्रोक दिल पर दबाव डालता है, और शरीर में पानी की कमी से रक्त गाढ़ा होने लगता है, जिससे रक्त के थक्के (क्लॉटिंग) बनने का जोखिम बढ़ जाता है। इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन के कारण दिल की धड़कन भी अनियमित हो सकती है। गर्मी के मौसम में शरीर में कुछ ऐसे लक्षण दिख सकते हैं, जिन्हें हम अक्सर मौसम के कारण समझकर अनदेखा कर देते हैं, लेकिन ये खतरनाक हो सकते हैं। इसके पाँच प्रमुख लक्षण हैं: पहला, सांस फूलना या सांस लेने में दिक्कत होना, साथ ही सीने में जलन या दबाव महसूस होना। दूसरा, अत्यधिक पसीना आना, यहाँ तक कि एयर कंडीशनर में बैठे होने पर भी। यह हृदय संबंधी परेशानी या निम्न रक्तचाप का संकेत हो सकता है। तीसरा, लगातार उल्टी, घबराहट या दिल की धड़कन का अचानक बढ़ जाना। चौथा, लू या धूप में होने पर चक्कर आना या बेहोशी महसूस होना। यह शरीर में पानी की कमी का संकेत है जो हृदय के लिए खतरनाक है। और पाँचवा, गर्मी में गंभीर दस्त (डायरिया) भी हृदय के जोखिम को बढ़ा देता है, क्योंकि लूज मोशन के दौरान शरीर से पानी और नमक निकल जाता है, जिससे दिल पर दबाव पड़ता है। दिल के दौरे का खतरा उन लोगों को अधिक होता है जो पहले से हृदय रोगी हैं, जिन्हें उच्च रक्तचाप (हाई बीपी), उच्च कोलेस्ट्रॉल या मधुमेह (डायबिटीज) की समस्या है। इसके अतिरिक्त, मोटे व्यक्ति, बुजुर्ग, अधिक धूम्रपान करने वाले और लगातार धूप में काम करने वाले लोगों को भी अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। डॉक्टर के मुताबिक, यदि आप बाहर जा रहे हैं तो हर आधे घंटे में पानी पिएं। तेज धूप में लगातार काम न करें, बीच में आराम करें। सुदामा/ईएमएस 25 अप्रैल 2026