मुंबई (ईएमएस)। लगातार काम और ग्लैमर की भागदौड़ से अभिनेत्री याना गुप्ता मन जब थक गया, तब वह शांति और सुकून की तलाश में भारत के पुणे स्थित ओशो आश्रम आ गईं। यूरोप और जापान में मॉडलिंग की दुनिया में नाम कमाने के बाद अध्यात्म की खोज में भारत आई याना आगे चलकर बॉलीवुड की सबसे चर्चित आइटम गर्ल्स में से एक बन गईं। याना गुप्ता का जन्म 23 अप्रैल 1979 को चेकोस्लोवाकिया के ब्रनो शहर में हुआ था, जो आज चेक रिपब्लिक का हिस्सा है। उनका असली नाम जाना सिंकोवा था। बचपन से ही उनकी जिंदगी आसान नहीं रही; जब वे छोटी थीं, तभी उनके माता-पिता अलग हो गए थे। इसके बाद उनकी मां ने अकेले ही याना और उनकी बहन की परवरिश की। परिवार आर्थिक रूप से परेशानियों का सामना कर रहा था, इसलिए याना ने बचपन से ही संघर्ष देखा। स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने गार्डनिंग और पार्क आर्किटेक्चर की पढ़ाई शुरू की। इसी दौरान उनकी एक दोस्त मॉडलिंग कोर्स करने जा रही थी और उसने याना को भी साथ चलने के लिए कहा, यहीं से उनकी जिंदगी ने नया मोड़ लिया। याना ने मॉडलिंग सीखी और बहुत जल्द इस दुनिया में पहचान बना ली। कम उम्र में ही वे प्रोफेशनल मॉडल बन गईं और यूरोप के कई देशों के साथ-साथ जापान में भी काम करने लगीं। लेकिन, लगातार काम और ग्लैमर की दुनिया की भागदौड़ से वे धीरे-धीरे परेशान होने लगीं। उन्हें लगने लगा कि जिंदगी में सिर्फ काम और शोहरत ही सब कुछ नहीं है; वे मानसिक शांति चाहती थीं। इसी दौरान उन्हें भारत के पुणे में मौजूद ओशो आश्रम के बारे में पता चला। उन्होंने सब कुछ छोड़कर भारत आने का फैसला किया। यहां वे अध्यात्म और खुद को समझने की कोशिश करने लगीं। ओशो आश्रम में ही उनकी मुलाकात कलाकार सत्यकाम गुप्ता से हुई। दोनों करीब आए और साल 2001 में शादी कर ली। शादी के बाद उन्होंने अपने नाम के साथ गुप्ता जोड़ लिया और भारत को ही अपना घर बना लिया। इसी दौरान उन्होंने भारत में मॉडलिंग की शुरुआत की। शुरुआत में उन्हें यहां कोई नहीं जानता था, इसलिए उन्होंने खुद मेहनत करके काम ढूंढना शुरू किया। मशहूर फोटोग्राफर डब्बू रत्नानी के साथ काम करने के बाद उनकी जिंदगी बदल गई। धीरे-धीरे वे बड़े विज्ञापनों और फैशन शो का हिस्सा बनने लगीं। फिर साल 2003 में उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ आया। उन्हें फिल्म दम में बाबूजी ज़रा धीरे चलो गाने पर परफॉर्म करने का मौका मिला। इस गाने ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया; लोग फिल्म से ज्यादा याना को याद रखने लगे। इसके बाद उन्हें बॉलीवुड और साउथ फिल्मों में कई आइटम नंबर मिलने लगे। वे अन्नियन जैसी फिल्मों में भी नजर आईं। हालांकि, सफलता के साथ एक मुश्किल भी आई; फिल्म इंडस्ट्री उन्हें सिर्फ ग्लैमरस और आइटम नंबर वाले रोल देने लगी। याना चाहती थीं कि वे गंभीर किरदार निभाएं, लेकिन उन्हें वैसा मौका कम मिला। धीरे-धीरे उनकी पहचान सिर्फ एक आइटम गर्ल बनकर रह गई। इसके बावजूद, उन्होंने कई फिल्मों और टीवी शोज में काम किया। वे झलक दिखला जा और फियर फैक्टर: खतरों के खिलाड़ी जैसे शो का हिस्सा भी रहीं। उन्होंने साल 2009 में हेल्थ और फिटनेस पर एक किताब भी लिखी। इस किताब में उन्होंने अपने खानपान से जुड़ी दिक्कतों और निजी संघर्षों के बारे में खुलकर बात की। सुदामा/ईएमएस 26 अप्रैल 2026