राज्य
26-Apr-2026


भाजपा-कांग्रेस दोनों की रणनीति तैयार, नारी शक्ति के सशक्तिकरण पर होगी चर्चा, महिला आरक्षण के समर्थन में कांग्रेस ने भोपाल में निकाला पैदल मार्च...जीतू पटवारी बोले- विधानसभा में करेंगे महिला आरक्षण की मांग नारी शक्ति पर होगा महासंग्राम! भोपाल(ईएमएस)। मप्र विधानसभा में सोमवार को प्रस्तावित विशेष सत्र में पहली बार संसद से पारित ना होने वाले बिल पर चर्चा होगी। इस सत्र में नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर विस्तृत चर्चा होने जा रही है। महिला आरक्षण और महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपनी-अपनी रणनीति तैयार कर ली है, जिससे सदन में तीखी बहस देखने को मिल सकती है। जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार इस विशेष सत्र के जरिए महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और उनके राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर अपनी प्रतिबद्धता को प्रमुखता से सामने रखेगी और महिला सशक्तिकरण को लेकर चर्चा करेगी। वहीं, कांग्रेस 2023 में पारित महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का सदन में संकल्प पत्र ला सकती हैं। यानी सोमवार को मप्र विधानसभा में नारी शक्ति पर महासंग्राम होने की संभावना है। उधर, रविवार को कांग्रेस ने राजधानी भोपाल में नारी शक्ति वंदन अधिनियम और महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग को लेकर प्लेटिनम प्लाजा से रोशपुरा तक पैदल मार्च निकाला। पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा सोमवार को विधानसभा में महिला आरक्षण की मांग करेंगे। विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, सदन की कार्यवाही दो पालियों में होगी। पहली पाली सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक और दूसरी दोपहर 3:00 बजे से शाम 5:30 बजे तक चलेगी। सदस्यों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे संसदीय मर्यादा बनाए रखें और विचाराधीन मामलों पर टिप्पणी करने से बचें। बता दें केंद्र सरकार का सदन में महिला आरक्षण से जुड़ा लाया गया 131वां संविधान संशोधन बिल सदन में पारित नहीं हो सका। इसके बाद मध्य प्रदेश समेत देश में नारी शक्ति को लेकर सियासत गरमा गई। भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस समेत विपक्ष को नारी शक्ति का विरोधी बताते हुए आरक्षण लागू नहीं करने की बात कहीं। वहीं, कांग्रेस समेत विपक्ष ने भाजपा पर महिला आरक्षण को लेकर जनता को गुमराह करने और चुनाव में फायदा उठाने का आरोप लगाया। इसको लेकर भाजपा शासित राज्यों में महिलाओं के आरक्षण का बिल पारित नहीं होने को लेकर अभियान के तहत जनता तक बात पहुंचाई जा रही है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश में भी एक दिवसीय विधानसभा का सत्र बुलाया गया है, जिसमें महिला आरक्षण पर चर्चा होगी। विशेष सत्र को देखते हुए दोनों दलों ने अपने विधायकों को सदन में मौजूद रहने के निर्देश दिए हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि महिला आरक्षण जैसे संवेदनशील और बड़े मुद्दे पर विधानसभा में होने वाली यह चर्चा आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से भी अहम मानी जा रही है भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने इसमें भाजपा की महिला विधायक और महिला मंत्री सदन में सरकार की योजनाओं, स्थानीय निकायों में महिलाओं की बढ़ती भूमिका और सशक्तिकरण से जुड़े फैसलों को प्रमुखता से रखेंगी। वहीं कांग्रेस भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है। पार्टी की महिला विधायक यह सवाल उठा सकती हैं कि संसद से कानून पारित होने के बावजूद इसका लाभ महिलाओं को तत्काल क्यों नहीं मिल रहा है। साथ ही परिसीमन और जनगणना की प्रक्रिया पूरी होने तक आरक्षण लागू नहीं होने के मुद्दे को भी विपक्ष जोर-शोर से उठाने की तैयारी में है। मप्र विधानसभा में मिले अभी आरक्षण: पटवारी पीसीसी चीफ जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता प्लेटिनम प्लाजा से रोशनपुरा चौराहे तक पैदल मार्च निकाला। मार्च में महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार आरक्षण लागू करने में जानबूझकर देरी कर रही है, जबकि उनकी मांग है कि मौजूदा 543 लोकसभा सीटों पर ही तत्काल 33 फीसदी आरक्षण लागू किया जाए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अपने संबोधन में पीएम मोदी को झूठों का सरदार बताया। पटवारी ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान भी झूठों का सरदार और मोहन यादव उनकी नकल करने वाले हैं। जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस कल के विधानसभा सत्र में पटल पर यह मांग रखने वाली है कि महिलाओं को विधानसभा में आज की स्थिति में आरक्षण प्रदान किया जाए। हम इसका समर्थन करेंगे। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि बीजेपी आज नारी सशक्तिकरण की बात करती है, लेकिन बीजेपी अपनी ही पार्टी की सशक्त महिलाओं को किनारे लगा रही है। वसुंधरा राजे राजस्थान की राजनीति से गायब कर दी गईं। एमपी में उमा भारती, कुसुम महदेले को बीजेपी ने किनारे लगा दिया। हम महिला आरक्षण के पक्ष में हैं लेकिन आज की स्थिति में इसे दिया जाए। कांग्रेस ने महिलाओं के साथ हमेशा अन्याय किया: सीएम डॉ. मोहन इस मार्च के जवाब में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। सीएम ने कहा कि आजादी के बाद से अब तक कांग्रेस ने नारी सशक्तिकरण को लेकर हमेशा नकारात्मक रवैया अपनाया है। उन्होंने इंदिरा गांधी से लेकर राहुल और प्रियंका गांधी तक का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस की पांच पीढिय़ों ने महिलाओं के साथ जो अन्याय किया है, उसे देश कभी नहीं भूलेगा। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 33 प्रतिशत आरक्षण देने के फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों सपा, टीएमसी और डीएमके ने इस अधिनियम को धराशायी करने में भूमिका निभाई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भले ही पूर्व में संख्याबल की वजह से दिक्कतें आई हों, लेकिन भाजपा महिलाओं को उनका हक दिलाकर रहेगी। विनोद उपाध्याय / 26 अप्रैल, 2026