अंतर्राष्ट्रीय
27-Apr-2026
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-चीन जैसे बड़े देशों से होने वाले संभावित युद्ध के लिए रखी गई थीं संभालकर वॉशिंगटन,(ईएमएस)। ईरान के युद्ध में अमेरिका ने अपनी कई अहम और महंगी मिसाइलें खर्च कर दीं। इनमें वह मिसाइलें भी शामिल हैं, जो चीन जैसे बड़े देशों से होने वाले संभावित युद्ध के लिए संभालकर रखी गई थीं। अब अमेरिका का हथियार भंडार कम हो रहा है। इस युद्ध में अमेरिका ने करीब 1100 लंबी दूरी की स्टील्थ मिसाइलें इस्तेमाल कीं। ये खास तौर पर चीन के खिलाफ इस्तेमाल के लिए बनाई गई थीं। इसके अलावा 1000 से ज्यादा टॉमहॉक मिसाइलें, 1200 से ज्यादा पैट्रियट मिसाइलें और 1000 से ज्यादा दूसरी स्ट्राइक मिसाइलें भी दागी गईं। इस पूरे युद्ध पर 28 से 35 अरब डॉलर खर्च हुए यानी हर दिन करीब एक अरब डॉलर खर्च हुए। युद्ध रुके हुए दो हफ्ते हो चुके हैं, लेकिन अब तक अमेरिका ने यह नहीं बताया कि कुल कितने हथियार इस्तेमाल हुए। मंत्रालय का कहना है कि 13,000 से ज्यादा टारगेट पर हमला किया गया। लेकिन अधिकारियों के मुताबिक एक ही टारगेट पर कई बार हमले हुए इसलिए असल में इस्तेमाल हुए हथियारों की संख्या काफी ज्यादा है। युद्ध के दौरान अमेरिका ने जिन हथियारों का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया, उनमें लंबी दूरी की मिसाइलें शामिल हैं। ये 600 मील से ज्यादा दूर तक मार कर सकती हैं और दुश्मन की एयर डिफेंस से बचकर हमला करने के लिए बनाई गई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका सालभर में जितनी मिसाइलें खरीदता है, उससे करीब 10 गुना ज्यादा इस युद्ध में खर्च हो गईं। एक स्टडी के मुताबिक अब अमेरिका के पास करीब 3000 टॉमहॉक मिसाइलें ही बची हैं। पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलें भी खत्म हुई हैं। एक मिसाइल की कीमत करीब 4 मिलियन डॉलर है। 2025 में अमेरिका ने 600 मिसाइलें बनाई थीं, लेकिन युद्ध में 1200 से ज्यादा इस्तेमाल हो गईं हैं। इसके अलावा 1000 से ज्यादा प्रिसिजन स्ट्राइक और अन्य मिसाइों भी खर्च हो चुकी हैं। पेंटागन के मुताबिक, कुछ जरूरी हथियार पहले से ही कम थे और अब उनकी कमी और बढ़ गई है। रिपोर्ट के मुताबिक प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा कि अमेरिका के पास दुनिया की सबसे मजबूत सेना है और उसके पास पर्याप्त हथियार हैं। पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने भी किसी खास इलाके या हथियारों के स्टॉक की जानकारी देने से इनकार कर दिया। उन्होंने इसे सुरक्षा से जुड़ा मामला बताया। युद्ध के पहले दो दिनों में ही 5.6 अरब डॉलर के हथियार इस्तेमाल हो गए थे। इसके अलावा कुछ ऑपरेशन में नुकसान भी हुआ। ईरान से पायलट को निकालने के मिशन में दो एमसी-130 विमान और तीन हेलीकॉप्टर नष्ट हो गए, जिनकी कीमत करीब 275 मिलियन डॉलर बताई गई है। इससे यह साबित होता है कि ईरान से युद्ध में अमेरिका को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। सिराज/ईएमएस 27 अप्रैल 2026