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27-Apr-2026
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चंडीगढ़,(ईएमएस)। पंजाब पुलिस के पूर्व उप महानिरीक्षक (डीआईजी) हरचरण सिंह भुल्लर की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (एमपीएमएलए), 2002 के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए भुल्लर और उनके करीबियों के 11 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह तलाशी अभियान पंजाब और चंडीगढ़ के पांच अलग-अलग शहरों में चलाया जा रहा है, जिससे प्रशासनिक और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, प्रवर्तन निदेशालय की टीमें चंडीगढ़ में 2, लुधियाना जिले में 5, पटियाला में 2, नाभा में 1 और जालंधर में 1 ठिकाने पर सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। यह कार्रवाई सीबीआई और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो चंडीगढ़ द्वारा दर्ज किए गए मामलों के आधार पर शुरू की गई है। आरोप है कि हरचरण सिंह भुल्लर ने एक आपराधिक मामले को रफा-दफा करने के बदले बिचौलिये के माध्यम से भारी-भरकम रिश्वत की मांग की थी। जांच के दौरान अधिकारियों को उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति होने के पुख्ता संकेत मिले हैं। ईडी की इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य अपराध से अर्जित धन का पता लगाना और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े डिजिटल व दस्तावेजी सबूत जुटाना है। जांच एजेंसी उन बेनामी संपत्तियों की भी पहचान कर रही है जो संदिग्ध रूप से सहयोगियों के नाम पर खरीदी गई हैं। वर्तमान में ईडी के अधिकारी संदिग्धों के घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर दस्तावेजों को खंगाल रहे हैं और मनी ट्रेल यानी पैसे के लेन-देन के रास्तों की कड़ियां जोड़ रहे हैं। गौरतलब है कि पूर्व डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर भ्रष्टाचार के आरोपों में पहले से ही घिरे हुए हैं। सीबीआई ने उन्हें पिछले साल एक बिचौलिये के साथ 8 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था, जिसके बाद से वे जेल में ही बंद हैं। हाल ही में उन्होंने अपनी रिहाई के लिए देश की सर्वोच्च अदालत का दरवाजा भी खटखटाया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। अब ईडी के इस नए एक्शन के बाद उनकी बेनामी संपत्तियों और अवैध निवेश का कच्चा चिट्ठा खुलने की संभावना बढ़ गई है। मामले में आगे की जांच और विवरण की प्रतीक्षा की जा रही है। वीरेंद्र/ईएमएस/27अप्रैल2026