राष्ट्रीय
27-Apr-2026
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मुरादाबाद,(ईएमएस)। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में स्थित लाजपत नगर क्षेत्र की श्रीराम सोसाइटी इन दिनों सोशल मीडिया और स्थानीय चर्चाओं के केंद्र में है। वजह ये है कि यहां हिंदू सनातनी सोसाइटी ने पोस्टर चस्पा करके ऐलान किया है कि यहां हिंदुओं के अलावा कोई भी व्यक्ति न मकान खरीदे और न ही प्लॉट। इन पोस्टरों ने शहर में एक नई बहस को जन्म दे दिया है। इन पोस्टरों की तस्वीरें और वीडियो इंटरनेट पर तेजी से साझा किए जा रहे हैं, जिसके बाद प्रशासन भी सतर्क हो गया है। यह घटनाक्रम दो साल पहले इसी क्षेत्र की शिव मंदिर वाली गली में हुए उस हंगामे की याद दिलाता है, जब निवासियों ने घरों के बाहर सामूहिक पलायन के पोस्टर चस्पा किए थे। मौजूदा विवाद का मुख्य कारण सोसाइटी के भीतर मकानों की खरीद-फरोख्त से जुड़ा है। स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, श्रीराम सोसाइटी के कुछ निवासी अपने मकान बेचना चाह रहे हैं। बताया जा रहा है कि इन मकानों के लिए एक विशेष समुदाय के खरीदारों ने बाजार दर से काफी बेहतर कीमत की पेशकश की है, जबकि अन्य खरीदार कम दाम लगा रहे हैं। इसी स्थिति ने सोसाइटी के अन्य निवासियों के बीच चिंता पैदा कर दी है। उन्हें डर है कि क्षेत्र में किसी दूसरे समुदाय के प्रवेश से वहां का सामाजिक और सांस्कृतिक परिवेश बदल सकता है। इसी आशंका के चलते निवासियों ने विरोध का यह अनोखा तरीका अपनाया है। शनिवार को महज कुछ घरों से शुरू हुआ यह विरोध रविवार तक पूरी सोसाइटी में फैल गया और अब करीब 25 से अधिक घरों के बाहर भगवान श्रीराम के चित्र वाले पोस्टर लगे देखे जा सकते हैं। इन पोस्टरों पर स्पष्ट संदेश लिखा है: पूर्णतः हिन्दू सनातनी सोसाइटी। यह क्षेत्र विशेष रूप से हिन्दू समाज के निवास के लिए है, कृपया अन्य पक्ष के लोग यहां मकान न लें। इस संवेदनशील मामले पर पुलिस प्रशासन की भी पैनी नजर है। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने कटघर थाना पुलिस को तुरंत मौके पर भेजकर स्थानीय लोगों से बातचीत करने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, पुलिस का कहना है कि अब तक उन्हें इस संबंध में किसी भी पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, इन पोस्टरों की शब्दावली काफी सोच-समझकर तैयार की गई है। इसमें अन्य पक्ष जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया है, जो सीधे तौर पर किसी विशेष वर्ग को लक्षित नहीं करते, जिससे यह मामला फिलहाल किसी बड़ी कानूनी कार्रवाई के दायरे से बाहर नजर आता है। इसके बावजूद, सामाजिक तनाव को देखते हुए इलाके में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है और पुलिस बल लगातार निगरानी कर रहा है। वीरेंद्र/ईएमएस/27अप्रैल2026