राष्ट्रीय
28-Apr-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पूर्व आयुष मंत्रालय लगातार अच्छी सेहत और संतुलित जीवन के लिए लोगों को जागरूक कर रहा है। इसके लिए आयुष मंत्रालय ने 365 डे योगा हैशटैग भी चलाया है और देश के अलग-अलग राज्यों में मई के महीने में योग की कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी। अब मंत्रालय ने अष्टांग नमस्कारासन के महत्वपूर्ण फायदों पर प्रकाश डाला है, जिसे करने से शरीर संतुलित रहता है और विशेष रूप से कंधों और पीठ की मांसपेशियों को मजबूती व लचीलापन मिलता है। मंत्रालय की ओर से जारी पोस्ट के मुताबिक, अष्टांग नमस्कारासन संतुलन, शक्ति और समर्पण सिखाता है। यह आसन हर कदम के साथ आंतरिक सामंजस्य के करीब लाता है, शरीर को स्थिर करता है और सांसों को नियंत्रित करने में भी मदद करता है। यह आसन सूर्य नमस्कार का छठा आसन है, जिसे आठ अंगों वाला आसन भी कहते हैं। इसमें शरीर के आठ अंग—दोनों पैर के अंगूठे, दोनों घुटने, दोनों हथेलियां, छाती और ठोड़ी—एक साथ जमीन को स्पर्श करते हैं, जो योग में शक्ति और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। इस आसन को करने की सही विधि इस प्रकार है: सबसे पहले योगा मैट पर पेट के बल लेट जाएं। अपने पैरों को बिल्कुल सीधा रखें और हाथों को कंधों के नीचे, हथेलियां जमीन पर टिका लें। अब अपनी ठोड़ी को जमीन पर टिका लें। धीरे-धीरे अपने कूल्हे वाले हिस्से को ऊपर की तरफ उठाएं। ध्यान रखें कि जमीन पर सिर्फ आपकी हथेलियां, ठोड़ी, छाती, पैर की उंगलियां और घुटने ही टिके होने चाहिए। कूल्हे वाला हिस्सा ऊंचा उठा होना चाहिए, जिससे शरीर एक झुकी हुई स्थिति में आए। इस पोज को कुछ देर तक होल्ड करके रखें और गहरी सांस लें। इस दौरान अपनी सांसों पर ध्यान केंद्रित करें और शरीर में हो रहे खिंचाव को महसूस करें। इस पोजीशन से सीधे भुजंगासन (कोबरा पोज) में वापस लौटें और कमर पर खिंचाव महसूस करें। अष्टांग नमस्कारासन को धीरे-धीरे और सावधानी से करना महत्वपूर्ण है ताकि चोट से बचा जा सके। अष्टांग नमस्कारासन करने से बाजुओं, कंधों और पीठ की मांसपेशियां मजबूत और लचीली बनती हैं। यह आसन शरीर के ऊपरी हिस्से की अकड़न को कम करने में भी सहायक है, खासकर उन लोगों के लिए जो लंबे समय तक एक ही पोजीशन में बैठकर काम करते हैं। इससे हड्डियों से चटचट की आवाज आने की परेशानी में भी राहत मिलती है, क्योंकि यह जोड़ों को चिकनाई देता है और उनमें लचीलापन बढ़ाता है। सुदामा/ईएमएस 28 अप्रैल 2026