रायगढ़ (ईएमएस)। धान खरीदी प्रक्रिया में बारदानों की गुणवत्ता और वितरण को लेकर “रायगढ़ बचाओ-लड़ेंगे रायगढ़” संगठन ने विरोध तेज कर दिया है। संगठन के पदाधिकारियों ने डीएमओ (मार्केटिंग) कार्यालय के सामने करीब दो घंटे तक सांकेतिक प्रदर्शन किया और विभाग पर गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया। संगठन का दावा है कि खरीफ वर्ष 2025-26 में नए बारदानों के नाम पर घटिया और कम वजन के बोरे सप्लाई किए गए। आरोप है कि मानक से कम वजन होने के कारण प्रति बोरा करीब 100 ग्राम धान की अतिरिक्त कटौती हुई, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान हुआ। जिले में करीब 2.52 करोड़ बारदानों के उपयोग के आधार पर इसे करोड़ों रुपये का नुकसान बताया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले 8 वर्षों के बारदाना स्टॉक रजिस्टर कार्यालय से गायब हैं। साथ ही, पूर्व में भी बारदाना लेनदेन में अनियमितताओं और विभागीय राशि निजी खातों में जमा करने के मामले सामने आए थे, लेकिन दोषियों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई। संगठन ने डीएमओ (मार्केटिंग) जान्हवी जैन को तत्काल निलंबित करने और पूरे मामले की उच्चस्तरीय व पारदर्शी जांच की मांग की है। चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मुलाकात कर दस्तावेज सौंपेगा और बड़े आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। - (ईएमएस) 28 अप्रैल 2026